बुलडोजर राज के खिलाफ लोकतंत्र की लड़ाई जरूरी : दीपांकर भट्टाचार्य

Darbhanga News: दरभंगा में भाकपा माले के 12वें राज्य सम्मेलन में महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने केंद्र और नीतीश सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने बिहार में बुलडोजर राज, बेरोजगारी और जमीन अधिग्रहण के मुद्दे उठाए. जानिए खबर विस्तार से…

Darbhanga News: भाकपा माले के 12वें राज्य सम्मेलन के तहत ‘बुलडोजर राज के खिलाफ लोकतंत्र का सवाल’ विषय पर आयोजित तीन दिवसीय संगोष्ठी के दौरान रविवार को पार्टी के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने केंद्र और बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार देश के लिए बोझ बन चुकी है और उसकी नीतियों के कारण देश गहरे संकट में फंस गया है. 

गरीबों पर डाला जा रहा संकट का भार

दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि गैस, पेट्रोल और डीजल का संकट अचानक पैदा नहीं हुआ है, बल्कि यह सरकार की गलत नीतियों का ही परिणाम है. ‘आत्मनिर्भर भारत’ का नारा देने वाली सरकार आज पूरी तरह अमेरिका पर निर्भर हो गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार अपनी नाकामियों से पैदा हुए इस पूरे आर्थिक संकट का 90 प्रतिशत बोझ देश के गरीब और लाचार लोगों पर डाल रही है.

अब सुशासन नहीं ‘बुलडोजर राज’ बेरोजगारी चरम पर

सरकार को घेरते हुए माले महासचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहले सुशासन की बात करते थे, लेकिन वर्तमान सरकार बिहार में ‘बुलडोजर राज’ की पहचान बन गई है. चुनाव से पहले मतदाताओं से बड़े-बड़े वादे किए गए थे, किंतु अब सत्ता में आते ही गरीबों के आशियानों पर बुलडोजर चलाए जा रहे हैं. सूबे में बेरोजगारी चरम पर है और जब छात्र व नौजवान अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते हैं, तो उन पर बेरहमी से लाठियां बरसाई जाती हैं. उन्होंने तंज कसा कि भाजपा के साथ गठबंधन के बावजूद सांप्रदायिकता, भ्रष्टाचार और अपराध पर समझौता नहीं करने का दावा करने वाले नीतीश कुमार ने आज पूरे बिहार को भाजपा के हाथों में सौंप दिया है.

लाखों लोगों को वोटिंग राइट्स से वंचित करने की साजिश

एसआइआर (SIR) के मुद्दे पर बोलते हुए भट्टाचार्य ने कहा कि इसके जरिए लाखों लोगों को वोट देने के संवैधानिक अधिकार से वंचित किया गया है. जिनका नाम सूची से हटाया गया है, उनका राशन कार्ड, बैंक खाता, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य सरकारी सुविधाएं भी प्रभावित हो सकती हैं, जो लोकतंत्र के लिए एक गंभीर खतरा है.

उन्होंने आगे कहा कि सरकार अदानी और अंबानी जैसे बड़े पूंजीपतियों के फायदे के लिए किसानों और गरीबों की कीमती जमीन अधिग्रहित कर रही है. कहीं एक्सप्रेस-वे सड़क, कहीं सैटेलाइट टाउन तो कहीं उद्योग के नाम पर जबरन जमीन छीनी जा रही है. सरकार का मुख्य उद्देश्य गरीबों की जमीन लेकर कॉर्पोरेट घरानों को सौंपना है. इसके अलावा उन्होंने महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध, बलात्कार की घटनाओं, नीट (NEET) परीक्षा में पेपर लीक और व्यापक भ्रष्टाचार के मामलों पर भी सरकार को कटघरे में खड़ा किया.

दरभंगा से राज कुमार रंजन की रिपोर्ट

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Purushottam Kumar

Purushottam Kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >