Mithila Culture Singapore: सृष्टि फाउंडेशन, दरभंगा के कलाकारों ने सिंगापुर में आयोजित ऋतु चक्र कार्यक्रम में अपनी कला का शानदार प्रदर्शन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. गुरु जयप्रकाश पाठक के नेतृत्व में नौ बच्चों ने भारतीय शास्त्रीय नृत्य और मिथिला की लोकसंस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियां दीं. कार्यक्रम के बाद टोली प्रबंधक सहित कलाकारों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया.
सिंगापुर में पेश की मिथिला की लोकसंस्कृति
बिझार सिंगापुर संस्था की ओर से आयोजित ऋतु चक्र कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. अंजनी कुमार सिन्हा और विशिष्ट अतिथि अरविंद श्रीवास्तव, द्वितीय सचिव (वाणिज्य एवं वीजा), भारतीय उच्चायोग, सिंगापुर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया.
सृष्टि फाउंडेशन दरभंगा के संस्थापक गुरु जयप्रकाश पाठक के नेतृत्व में कलाकारों ने भारतीय शास्त्रीय नृत्य ओडिसी में शिव स्तुति और सीता हरण की जीवंत प्रस्तुति दी.
इसके साथ ही मिथिला की संस्कृति में रचे-बसे लोक नृत्यों की समेकित प्रस्तुति भी दी गयी. कलाकारों ने शिव विवाह, कजरी, झिझिया, छठ, सामा-चकेवा, राम विवाह और होली से जुड़े लोक नृत्यों के माध्यम से मिथिला की सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत किया.
कलाकारों की प्रस्तुति ने मोहा मन
कार्यक्रम में कलाकारों की प्रस्तुतियों को दर्शकों ने खूब सराहा. पारंपरिक नृत्य और लोक संस्कृति की प्रस्तुतियों के माध्यम से कलाकारों ने भारतीय संस्कृति के साथ-साथ मिथिला की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को भी सिंगापुर के मंच पर प्रस्तुत किया.
सृष्टि फाउंडेशन के कलाकारों की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया और कलाकारों को उनके प्रदर्शन के लिए सराहना मिली.
जयप्रकाश पाठक समेत कलाकार सम्मानित
माधोपट्टी ग्राम निवासी विनोद नारायण पाठक और शिव दुलारी देवी के पुत्र एवं सृष्टि फाउंडेशन के संस्थापक गुरु जयप्रकाश पाठक को डॉ. अंजनी कुमार सिन्हा ने प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया.
गुरु जयप्रकाश पाठक के सानिध्य में सत्यम कुमार झा, सुबोध दास, ऋतु रानी, ऋषिका भारती, अंकिता झा, निशा कुमारी सिंह, विद्या अग्रवाल और श्रुति सिंह समेत अन्य कलाकारों को भी अतिथियों ने प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया.
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