एयरपोर्ट शुरू होने के पांच साल बाद भी कैट टू लाइट का कार्य पूरा नहीं लाइट नहीं होने से रात तथा विपरीत मौसम में विमानों का नहीं होता संचालन दरभंगा. आठ नवंबर 2020 को उड़ान योजना के तहत दरभंगा से घरेलू उड़ान सेवा की शुरुआत की गयी थी. इतने वक्त बीतने के बाद भी यहां से निर्बाध विमान सेवा का परिचालन सुविधाओं के अभाव में नहीं हो रहा है. खासकर ठंड के मौसम में कम रोशनी के कारण फ्लाइट परिचालन रोक देना पड़ता है. इससे उड़ान योजना में सफलतम माना जाने वाला यह एयरपोर्ट सीजनल हवाई अड्डा बन कर रह गया है. रनवे पर कैट टू लाइट लगाने का काम आज तक पूरा नहीं हो सका है. जानकारी के अनुसार कैट टू लाइट लगाने के लिये चयनित जगह पर संचालित बाउंड्री का कार्य 12 फरवरी से ठप है. बताया जाता है कि स्थानीय लोग रास्ता ठप होने को लेकर इसका विरोध कर रहे हैं. एयरपोर्ट अथॉरिटी की मानें तो इसके लिये जिला प्रशासन को कई बार पत्र लिखा गया है, लेकिन इसका अब तक कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है. इस कारण 114 एकड़ भूमि में चाहरदीवारी का कार्य रुका हुआ है. नहीं हटाया जा रहा इलेक्ट्रिक लाइन एयरपोर्ट के विकास के लिये लगातार विभाग की ओर से कोशिश की जा रही है. सरकार की ओर से 90 एकड़ अतिरिक्त भूमि प्रदान की गयी है. लेकिन, स्थानीय स्तर पर काम में बाधा उत्पन्न हो रही है. बताया जा रहा है कि चयनित भूमि से ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन को भी अबतक नहीं हटाया जा सका है. भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने नवंबर 2023 को इलेक्ट्रिक लाइन को हटाने के लिए डीएम राजीव रौशन से अनुरोध किया था. बताया जाता है कि मामला बिजली विभाग में प्रक्रियाधीन है. दो साल पूर्व 24 एकड़ भूमि में बाउंड्री को लेकर निकाली गयी थी निविदा जानकारी के अनुसार दो साल पहले तीन अगस्त को संबंधित भूमि पर बाउंड्री के लिये निविदा निकाली गयी थी. टेंडर के मुताबिक काम को आठ माह में पूरा कर लेना था. लेकिन, विभागीय शिथिलता के कारण काम आजतक पूरा नहीं हो सका. एप्रोच लाइट के लगने से बढ़ेगी विजिबिलिटी रनवे पर कैट- टू (अप्रोच) लाइट एयरक्राफ्ट को लैंड करने में विजुअल सहायता प्रदान करती है. इससे कम दृश्यता में भी विमानों का परिचालन संभव होता है. लेकिन, दरभंगा एयरपोर्ट पर रनवे एक्सेंटेशन व लाइट लगाने का कार्य अब तक पूरा नहीं हुआ है. इस कारण कम विजिबिलिटी में वायुयान का परिचालन बंद करना पड़ता है. जनवरी माह में नौ दिन रद्द रही थी फ्लाइट जनवरी माह में नौ दिन विमानों का परिचालन ठप रहा. केवल 12 दिन शेड्यूल के मुताबिक विमान सेवा संचालित की जा सकी. इस कारण कई माह पूर्व बुकिंग करा चुके यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी. खासकर आपात स्थिति में यात्रा करने वाले पैसेंजर जहां- तहां फंसे रहे. मौसम के अनुकूल होने तक यही स्थिति बनी रही. 24 एकड़ भूमि पर किसी तरह की समस्या की सूचना नहीं है. पूर्व में भूमि को लेकर कुछ विवाद हुआ था, जिसको सुलझा लिया गया था. वर्तमान में विभाग की ओर से काम चल रहा है. बालेश्वर प्रसाद, डीएलओ
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