Darbhanga News: अनुमंडल मुख्यालय स्थित सुपौल बाजार सब्जी मंडी पुल घाट पर फुटपाथ अतिक्रमण और मछली विक्रेताओं के कारण लगने वाले घंटों के भीषण जाम से त्रस्त स्थानीय ग्रामीणों ने रविवार (07 जून 2026) को विरोध का एक बेहद अनोखा और हैरान करने वाला तरीका अपनाया. वर्षों से बनी इस समस्या से प्रशासनिक स्तर पर कोई निजात न मिलने से आक्रोशित ग्रामीणों ने बीच सड़क पर ही आलू और परवल की टोकरियां रखकर सब्जी की दुकान खोल दी और वहीं बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया.
रोजाना लगता है घंटों का भीषण जाम
आक्रोशित ग्रामीणों का कहना था कि बाजार के इस मुख्य पुल घाट के दोनों किनारों पर अवैध रूप से मछली बाजार, सब्जी की दुकानें और दर्जनों फुटपाथी व ठेला चालकों द्वारा अतिक्रमण कर लिया गया है. इसके चलते इस मार्ग पर सुबह से लेकर शाम तक रोजाना भीषण और जानलेवा जाम लगता है.
स्कूली बच्चे और एम्बुलेंस तक फंसती हैं
इस जाम में हर दिन स्कूली बच्चे, गंभीर मरीज, एम्बुलेंस और आम राहगीर घंटों फंसे रहते हैं. स्थानीय दुकानदारों द्वारा भी अपनी दुकानों का सामान (आलू, प्याज आदि) सड़क पर ही निकाल कर रख दिया जाता है, जिससे सड़क की चौड़ाई आधी से भी कम बची है. यह समस्या यहाँ के वासियों के लिए एक बड़ी मानसिक प्रताड़ना बन चुकी है.
सड़क पर दुकान सजने से घंटो ठप रहा आवागमन
ग्रामीणों द्वारा बीच सड़क पर सब्जी की दुकान लगाकर बैठ जाने के कारण लगभग एक घंटे तक इस मुख्य मार्ग पर परिचालन पूरी तरह ठप हो गया और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) प्रभाकर तिवारी के कड़े निर्देश पर स्थानीय पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा. पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर शांत कराया और उनके सहयोग से बीच सड़क से आलू व परवल की टोकरियों को हटवाकर यातायात को दोबारा सुचारू कराया.
शांति समिति की बैठकों में भी नहीं हुई थी सुनवाई
अनोखे प्रदर्शन में शामिल मुख्य ग्रामीण बिनोद सहनी उर्फ बलियाबी तथा मोहम्मद मुस्ताक शाह ने कहा कि इस जाम की समस्या से पूरा बिरौल त्रस्त है. उन्होंने कहा कि इससे पहले कई बार स्थानीय थाना और अनुमंडल स्तर पर आयोजित शांति समिति की आधिकारिक बैठकों में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया था, पर हर बार सिर्फ खोखले आश्वासन मिले और धरातल पर कोई सुनवाई नहीं हुई. इसी लापरवाही से तंग आकर मजबूरी में आज बीच सड़क पर परवल और आलू की दुकान खोलनी पड़ी, ताकि कुंभकर्णी नींद में सोया प्रशासन जाग सके और इस नरकीय स्थिति से मुक्ति मिल सके.
गौरतलब है कि इस समस्या के स्थायी निदान को लेकर स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद अबु हाजमा द्वारा पूर्व में बिरौल एसडीओ से लेकर दरभंगा डीएम (DM) तक को लिखित शिकायती पत्र भेजा जा चुका है, जिसमें पुल घाट को अतिक्रमण मुक्त कराने और मछली बाजार को किसी अन्य खाली सरकारी भूखंड पर स्थानांतरित (शिफ्ट) करने की पुरजोर मांग की गई थी.
नगर पंचायत को दिया त्वरित निर्देश
इधर, इस अनोखे प्रदर्शन और जनता के भारी आक्रोश की सूचना मिलते ही बिरौल के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) शशांक राज ने इस पूरे मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है. एसडीओ ने कड़ा रुख अपनाते हुए बिरौल नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) को इस गंभीर समस्या का तुरंत और स्थायी समाधान सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश देने की बात कही है. पुलिस ने भी साफ किया है कि जल्द ही अंचल प्रशासन और नगर निकाय के साथ एक संयुक्त उच्चस्तरीय बैठक कर फुटपाथ को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा.
दरभंगा के बिरौल से शंकर सहनी की रिपोर्ट
