दरभंगा: माले का सम्मेलन खत्म, बुलडोजर राजनीति के खिलाफ संघर्ष तेज करेगी पार्टी

दरभंगा में भाकपा-माले का 12वां राज्य सम्मेलन संपन्न हुआ. कुणाल को फिर राज्य सचिव चुना गया और 20 मई से जनसंपर्क अभियान चलाने का फैसला लिया गया. पढ़ें पूरी खबर…

दरभंगा से सतीश कुमार की रिपोर्ट

Darbhanga News: दरभंगा में भाकपा-माले का तीन दिवसीय 12वां राज्य सम्मेलन सोमवार को संपन्न हो गया. सम्मेलन में राजनीतिक परिस्थिति, संगठन विस्तार, जन आंदोलनों और आगामी रणनीति को लेकर व्यापक चर्चा हुई.

नई राज्य कमिटी का हुआ गठन

सम्मेलन में 107 सदस्यों वाली नई राज्य कमिटी का गठन किया गया. कमिटी ने सर्वसम्मति से कुणाल को एक बार फिर राज्य सचिव चुना.

प्रतिनिधियों ने पार्टी के कामकाज की रिपोर्ट पर चर्चा करते हुए संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करने पर जोर दिया.

लोकतंत्र और संविधान बचाने पर जोर

पार्टी के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि देश और बिहार दोनों कठिन दौर से गुजर रहे हैं. लोकतांत्रिक अधिकारों, संविधान और गरीबों के जीवन पर लगातार हमले हो रहे हैं.

उन्होंने कहा कि भाजपा की बुलडोजर राजनीति, दमनकारी नीतियों और सांप्रदायिक एजेंडे के खिलाफ पार्टी संघर्ष तेज करेगी.

दीपंकर ने कार्यकर्ताओं से गांवों और मोहल्लों तक पहुंचकर गरीबों, मजदूरों, किसानों, महिलाओं, छात्रों और नौजवानों के सवालों पर आंदोलन मजबूत करने का आह्वान किया.

सम्मेलन के पर्यवेक्षक वी शंकर ने कहा कि बिहार हमेशा देश की राजनीति को दिशा देने वाला राज्य रहा है और यहां की जनता लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करती रही है.

20 मई से चलेगा जनसंपर्क अभियान

सम्मेलन में 10 सूत्री कार्ययोजना पारित की गई. 20 मई को ग्रामीण मजदूरों की हड़ताल को सफल बनाने और उसी दिन से 10 लाख गरीब परिवारों के बीच जनसंपर्क अभियान चलाने का निर्णय लिया गया.

सम्मेलन में महिला आरक्षण कानून लागू करने, जाति आधारित जनगणना कराने, समता आंदोलन के विस्तार और बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ जन आंदोलन चलाने जैसे प्रस्ताव भी पारित किए गए.

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Published by: Sarfaraz Ahmad

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