Darbhanga News: दरभंगा से भाजपा सांसद सह लोकसभा सचेतक गोपालजी ठाकुर ने कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) के हालिया फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और इसे राष्ट्रविरोधी करार दिया है. सांसद ने कहा कि वंदे मातरम पर कांग्रेस का निर्णय संसदीय कानून की अवहेलना और 140 करोड़ देशवासियों की भावना का अपमान है. उन्होंने इस कृत्य के लिए कांग्रेस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है.
राष्ट्रगीत वंदे मातरम के दो टुकड़े करना संसदीय संप्रभुता के खिलाफ
सांसद गोपालजी ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा वंदे मातरम को पूर्ण रूप से गाने की जगह केवल उसके दो अंतरों को गाने का फैसला राष्ट्रीय संप्रभुता के खिलाफ है.
उन्होंने जोर देकर कहा कि यह देश के सर्वोच्च संवैधानिक संस्थान, संसद द्वारा बनाए गए कानून की खुली अवहेलना है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस को राष्ट्रगीत का अपमान करने की छूट नहीं दी जा सकती.
1937 में तुष्टीकरण के लिए कांग्रेस ने बोए थे विभाजन के बीज
भाजपा सांसद ने कांग्रेस के इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि साल 1937 में भी कांग्रेस ने ही तुष्टीकरण की नीति के तहत वंदे मातरम के दो टुकड़े किए थे.
उनकी इसी ऐतिहासिक गलती के कारण देश में द्वि-राष्ट्र सिद्धांत (टू-नेशन थ्योरी) को बल मिला, जिसका परिणाम भारत के विभाजन के रूप में सामने आया. ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा से राष्ट्रीय प्रतीकों को वोट बैंक की राजनीति के लिए अपमानित करती रही है.
राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस वोट बैंक की राजनीति पर अड़ी
गोपालजी ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने 150वें वर्ष पर ऐतिहासिक वंदे मातरम को पूर्ण रूप से कानूनी स्वरूप प्रदान कर पुरानी गलती को सुधारा है, लेकिन राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस फिर उसी रास्ते पर चल पड़ी है.
सांसद ने कहा कि कांग्रेस सिर्फ वोट बैंक के लिए राष्ट्रीय भावनाओं और कानून का अपमान कर रही है, जो उसकी विभाजनकारी मानसिकता को दर्शाता है.
