Child labor in India: दरभंगा जिले के सिंहवाड़ा प्रखंड मुख्यालय स्थित सद्भावना मंडप में बुधवार को प्रखंड स्तरीय बाल संरक्षण समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. इस बैठक की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी विक्रम भास्कर ने की, जबकि इसका सफल संचालन कॉर्डिनेटर ममता कुमारी द्वारा किया गया. बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में बच्चों के अधिकारों का संरक्षण करना, बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं की रोकथाम करना और बाल श्रम को पूरी तरह से समाप्त करने की दिशा में ठोस कदम उठाना था.
Darhbhanga News: बाल संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता पर जोर
बैठक के दौरान उपस्थित सभी पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और विभागीय कर्मियों से बाल संरक्षण के प्रति अत्यधिक संवेदनशील रहने की अपील की गई. वक्ताओं ने इस बात पर विशेष बल दिया कि समाज के हर वर्ग को मिलकर बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलानी चाहिए, ताकि बाल संरक्षण के मामलों में तेजी से सकारात्मक बदलाव लाया जा सके.
बाल विवाह और बाल श्रम विकास में बाधक
विभिन्न वक्ताओं ने अपने संबोधन में स्पष्ट रूप से कहा कि बाल विवाह और बाल श्रम मासूम बच्चों के शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक विकास में सबसे बड़े बाधक हैं. इन सामाजिक बुराइयों को जड़ से मिटाने के लिए केवल प्रशासनिक अमले पर निर्भर रहने के बजाय समाज के सभी वर्गों की सक्रिय सहभागिता और जनसहयोग होना बेहद जरूरी है.
सरकारी योजनाओं से जोड़ने के निर्देश
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि बाल संरक्षण से जुड़े मामलों की समय रहते पहचान की जाए और उन पर त्वरित कानूनी कार्रवाई हो. इसके साथ ही जरूरतमंद और असहाय बच्चों की पहचान कर उन्हें शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और आवश्यक संरक्षण सेवाओं से तुरंत जोड़ा जाए ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके.
बैठक में कई अधिकारी रहे मौजूद
इस उच्चस्तरीय बैठक में बीइओ विनोद कुमार, सीडीपीओ पल्लवी कुमारी, रामविनय कुमार, प्रियंका कुमारी, निशा कुमारी, महिला सुपरवाइजर राजश्री, गीता कुमारी, अर्चना कुमारी, शिक्षक बच्चन पंडित, नरेंद्र कुमार, कृष्णा कुमार, आईटी सहायक राकेश कुमार और कार्यपालक सहायक श्याम कुमार सहित क्षेत्र के कई गणमान्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे.
यह भी पढ़ें... मुजफ्फरपुर निबंधन कार्यालय में हंगामा, पेपरलेस व्यवस्था और हड़ताल के बीच अवैध वसूली का आरोप
