Darbhanga News: प्रखंड के बहुप्रतीक्षित बर्निया डिग्री कॉलेज का 15 जुलाई को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भागलपुर से वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया. कॉलेज खुलने से दियारा क्षेत्र के हजारों छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा की नई उम्मीद मिली है. हालांकि, शिक्षकों की कमी के कारण अभी नियमित कक्षाओं का संचालन शुरू नहीं हो सका है.
67 छात्रों ने कराया नामांकन
कॉलेज प्रशासन के अनुसार अब तक 67 विद्यार्थियों ने नामांकन कराया है. इनमें 43 छात्राएं और 24 छात्र शामिल हैं. कॉलेज में हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास, राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र और अर्थशास्त्र सहित छह विषयों में नामांकन लिया गया है.
सिर्फ दो शिक्षकों के भरोसे कॉलेज
कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य प्रो. कुशेश्वर यादव ने बताया कि उनका मूल पदस्थापन बहेड़ी कॉलेज में है और उन्हें बर्निया डिग्री कॉलेज का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. कॉलेज में उनके अलावा केवल अर्थशास्त्र के शिक्षक प्रो. संतोष कुमार कार्यरत हैं. प्रशासनिक कार्य के लिए एक क्लर्क कपिल देव कुमार की तैनाती है.
उन्होंने कहा कि मात्र दो शिक्षकों के सहारे छह विषयों की नियमित कक्षाएं संचालित करना संभव नहीं है. यदि प्रत्येक विषय के लिए स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति हो जाए तो कॉलेज पूरी क्षमता के साथ संचालित किया जा सकेगा.
यह भी पढ़ें: एलएनएमयू ने स्नातक प्रथम सेमेस्टर की दूसरी चयन सूची जारी, 24 जुलाई तक होगा नामांकन
छात्रों और अभिभावकों से नामांकन की अपील
प्रभारी प्राचार्य ने क्षेत्र के अभिभावकों और छात्र-छात्राओं से इस नए कॉलेज का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की. उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित दियारा क्षेत्र में डिग्री कॉलेज की स्थापना स्थानीय युवाओं के लिए बड़ा अवसर है.
मूलभूत सुविधाएं बढ़ाने की भी मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि कॉलेज में पर्याप्त शिक्षकों के साथ पुस्तकालय, प्रयोगशाला, फर्नीचर और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए. उनका मानना है कि इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा मिल सकेगी और दूर-दराज के शहरों में पढ़ाई के लिए पलायन कम होगा.
