Baba Gangeshwarnath Temple: कमतौल में बाबा गंगेश्वरनाथ मंदिर परिसर एक बार फिर भक्ति और मिथिला की लोकसंस्कृति के रंग में रंगने जा रहा है. बिहार सरकार के पर्यटन विभाग की ओर से बाबा गंगेश्वरनाथ मंदिर परिसर में दो दिवसीय भव्य श्रावणी मेला महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है. महोत्सव की शुरुआत 25 अगस्त मंगलवार को 108 कन्याओं की कलश शोभायात्रा से होगी. दो दिनों तक धार्मिक अनुष्ठान के साथ मिथिला के लोकनृत्य और लोकसंगीत की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी.
108 कन्याओं की कलश शोभायात्रा से होगा शुभारंभ
महोत्सव के पहले दिन सुबह सात बजे मां रत्नेश्वरी दुर्गा मंदिर से 108 कन्याओं की कलश शोभायात्रा निकाली जाएगी. यह शोभायात्रा गंगेश्वर स्थान तक जाएगी. लाल चुनरी में सजी कन्याओं के सिर पर कलश की शोभायात्रा महोत्सव का प्रमुख आकर्षण होगी.
इसके बाद सुबह नौ बजे बाबा गंगेश्वरनाथ का महारुद्राभिषेक और विशेष पूजन किया जाएगा. सुबह साढ़े नौ बजे कन्या भोजन के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण होगा.
भजन और कवि गोष्ठी से सजेगी शाम
पहले दिन दोपहर तीन बजे से बजरंग म्यूजिकल ग्रुप की भक्तिमय प्रस्तुति के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत होगी. शाम पांच बजे कवि गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा.
इसके बाद शंखनाद और आगंतुक अतिथियों के स्वागत-सम्मान का कार्यक्रम होगा.
दूसरे दिन दिखेगी मिथिला की लोकसंस्कृति
श्रावणी मेला महोत्सव का दूसरा दिन पूरी तरह मिथिला की लोकसंस्कृति को समर्पित रहेगा. दोपहर तीन बजे से बजरंग म्यूजिकल ग्रुप की प्रस्तुति होगी.
शाम पांच बजे से झिझिया, सामा-चकेवा और जट-जटिन जैसे मिथिला के पारंपरिक लोकनृत्यों की प्रस्तुति की जाएगी. शाम छह बजे प्रसिद्ध लोकगायक कुंज बिहारी मिश्र अपनी प्रस्तुति देंगे.
माधव राय और जूली झा की प्रस्तुति से होगा समापन
शाम सात बजे आगंतुक अतिथियों के स्वागत और सम्मान का कार्यक्रम आयोजित होगा. इसके बाद देर रात मिथिला के प्रसिद्ध गायक माधव राय और लोकगायिका जूली झा की भव्य प्रस्तुति होगी.
इसी के साथ दो दिवसीय श्रावणी मेला महोत्सव का समापन होगा. मंदिर न्यास समिति ने सभी शिवभक्तों और क्षेत्रवासियों से सपरिवार महोत्सव में शामिल होने की अपील की है.
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