Darbhanga road condition: दरभंगा जिले के बिरौल अनुमंडल क्षेत्र में मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क उन्नयन योजना के तहत एसएच-56 मुख्य पथ से अकबरपुर जाने वाली लिंक सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी है. तय समय सीमा समाप्त होने के बावजूद सड़क का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है. बरसात के मौसम में अधूरी सड़क कीचड़, जलभराव और जानलेवा गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, जिससे इस रास्ते से गुजरने वाले राहगीरों और स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी कार्य अधूरा
योजना के शिलापट्ट के अनुसार इस 3.500 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य 07 जुलाई 2025 को शुरू हुआ था और इसे 06 जुलाई 2026 तक पूरा किया जाना था. इस परियोजना की प्राक्कलित राशि 281.650 लाख रुपये है, जबकि सप्तवर्षीय रख-रखाव के लिए 23.581 लाख रुपये तय किए गए हैं. इस योजना के संवेदक आलम इंटरप्राइजेज एंड ब्रदर्स हैं तथा कार्यकारी एजेंसी ग्रामीण कार्य विभाग कार्य प्रमंडल बिरौल है.
शिलापट्ट के पास कचरा और सड़क बनी दलदल
मौजूदा जमीनी हालात यह हैं कि विकास कार्यों की पोल खोलता शिलापट्ट खुद कचरे और प्लास्टिक के ढेर में छिपा हुआ है. सड़क पर अवैध रूप से लाल मिट्टी डालकर छोड़ दी गई थी, जो अब बारिश के कारण पूरी तरह कीचड़ और दलदल बन चुकी है. यहां से गुजरने वाले ट्रैक्टर और अन्य भारी वाहनों के पहिए गहरे कीचड़ में धंस जाते हैं, जिससे पैदल चलना भी खतरे से खाली नहीं बचा है.
ग्रामीणों में आक्रोश, लापरवाह संवेदक पर कार्रवाई की मांग
स्थानीय ग्रामीण मनोज झा ने बताया कि संवेदक महज खानापूर्ति करके निर्माण कार्य अधूरा छोड़कर फरार हो गया है. सड़क पर लाल मिट्टी डालकर छोड़ देने के कारण बरसात में स्थिति नारकीय हो गई है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जिलाधिकारी से लापरवाह संवेदक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा सड़क निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा कराने की पुरजोर मांग की है.
अधिकारियों की चुप्पी से बढ़ रही लोगों की मुश्किलें
इस गंभीर मामले पर जब कार्यकारी एजेंसी के कार्यपालक अभियंता विनय कुमार से मोबाइल के जरिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने जिला मुख्यालय में जिलाधिकारी की बैठक में व्यस्त होने का हवाला देकर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया. प्रशासनिक उदासीनता के कारण आम जनता की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं.
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