दरभंगा: दरभंगा आकाशवाणी केंद्र को मॉडल रेडियो स्टेशन के रूप में विकसित करने की तैयारी चल रही है. सोमवार की देर शाम स्थानीय सांसद सह लोकसभा में भाजपा सचेतक गोपालजी ठाकुर ने आकाशवाणी केंद्र का निरीक्षण किया और अधिकारियों व अभियंताओं के साथ बैठक कर प्रसारण व्यवस्था और विकास योजनाओं की जानकारी ली. सांसद ने कहा कि एफएम चैनल की क्षमता विस्तार को शीघ्र मंजूरी मिलने की उम्मीद है.
1976 से मिथिला की सांस्कृतिक विरासत का प्रमुख केंद्र
दरभंगा आकाशवाणी केंद्र की स्थापना वर्ष 1976 में हुई थी. स्थापना काल से ही यह मिथिलावासियों की सांस्कृतिक विरासत को लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है.
केंद्र से स्थानीय लोककला, लोकगीत, मिथिला पेंटिंग, मखाना, कृषि, शिक्षा और साहित्य से जुड़े कार्यक्रमों का प्रसारण किया जाता रहा है. सांसद ने इन विषयों से जुड़े कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया.
आधुनिक तकनीक और डिजिटल सिस्टम पर जोर
निरीक्षण के दौरान सांसद ने एफएम संयंत्र, प्रसारण अवसंरचना और केंद्र की विकासात्मक योजनाओं की जानकारी ली. उन्होंने आधुनिक तकनीक, डिजिटल सिस्टम और नये ब्रॉडकास्ट सिस्टम का अधिकतम उपयोग करने का निर्देश दिया.
उन्होंने सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर सिग्नल पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया, ताकि अधिक से अधिक श्रोता आकाशवाणी की सेवाओं से जुड़ सकें.
मैथिली कार्यक्रमों को अधिक प्राथमिकता देने का सुझाव
गोपालजी ठाकुर ने कहा कि दरभंगा आकाशवाणी केंद्र को मॉडल रेडियो स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है. उन्होंने एफएम चैनल की क्षमता विस्तार को शीघ्र मंजूरी मिलने की उम्मीद जतायी.
सांसद ने आकाशवाणी पर प्रसारित होने वाले प्रधानमंत्री के कार्यक्रम मन की बात का मैथिली में प्रसारण कराने तथा मैथिली भाषा से जुड़े कार्यक्रमों को अधिक प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया.
बैठक में एडीई राजीव कुमार, एडीपी अमित कुमार, अमरनाथ प्रसाद, मितेश मिश्रा, असद दाऊद, गगन कुमार, सरवर इमाम सहित अन्य अधिकारी और अभियंता मौजूद थे.
