भीषण अगलगी ने सामान सहित राख कर दी खुशियां

एक दिन पहले तक संचिता देवी के घर का वातावरण उत्सवी दिख रहा था.

कुशेश्वरस्थान. एक दिन पहले तक संचिता देवी के घर का वातावरण उत्सवी दिख रहा था. उत्साह के साथ मांगलिक आयोजन की तैयारी में सभी जुटे थे. उनके दरवाजे पर 16 अप्रैल को बारात आने वाली थी. बेटी की शादी के लिए खरीददारी भी हो चुकी थी, लेकिन पलक झपकते ही अग्निदेव ने सारे सामान के साथ खुशियों को भस्म कर दिया. गरीबी से बेजार संचिता की बेटी मनीला की शादी 16 अप्रैल को होनी थी. इसके लिए जेवरात, कपड़े आदि की खरीदारी की जा चुकी थी. सामान सहित 50 हजार नकदी अगलगी में जल गये. बेटी की शादी व बारात के स्वागत में जुटे इस परिवार पर मानो बज्रपात हो गया है.अब बेटी के हाथ कैसे पीले होंगें, इस चिंता में संचिता डूब गयी है. छाती पीटकर पागलों की तरह रो रही थी. बेटी मनीला से लिपट-लिपटकर चीत्कार कर रही थी. उसे संभालने में ग्रामीण महिलाएं जुटी थी.

दूसरी ओर इसी गांव के धर्मदेव यादव के पुत्र नवीन की शादी भी 18 अप्रैल को होनी थी. कुटुम्ब के द्वारा घरदेखी व फलदान के साथ सामान भी दे दिया गया था, लेकिन पलक झपकते ही सारे सामान व नकदी अग्निदेव की भेंट चढ़ गये. धर्मदेव खेती किसानी कर परिजनों का भरण-पोषण करते थे. उसीके सहारे पुत्र की 18 अप्रैल को शादी होनी थी. इसके लिए सभी सामान , जेवरात, कपड़े आदि की खरीददारी वे कर चुके थे. सामान सहित 80 हजार नकद राख हो गये. पुत्र की शादी को लेकर पूरा परिवार चिंता में डूब गया है. इसके अलावा सुधा देवी, विमला देवी, गणेश यादव सहित आधा दर्जन परिवार के घर भी मई माह में शादी का आयोजन होना था. एक-एक कर जमा रुपए एक झटके में खाक हो गये.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: DIGVIJAY SINGH

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >