Darbhanga News: इकलौता इंडिया मार्का चापाकल छह दर्जन परिवारों का सहारा, पेयजल के लिए रतजगा कर रहे लोग

Darbhanga News:प्रखंडवासी पेयजल के लिए त्राहि-त्राहि कर रहे हैं, लेकिन पीएचइडी कान में तेल डालकर सोया पड़ा है.

Darbhanga News: मनीगाछी. प्रखंडवासी पेयजल के लिए त्राहि-त्राहि कर रहे हैं, लेकिन पीएचइडी कान में तेल डालकर सोया पड़ा है. अनावृष्टि के कारण भू-गर्भीय जलस्तर नीचे खिसकने से जहां प्रखंड क्षेत्र के अधिकांश चापाकल ने पानी देना बंद कर दिया है, वहीं करोड़ों की लागत से बनी नल-जल अधिकांश वार्डों में बेकाम पड़ा है. वैसे इसके रखरखाव का जिम्मा पीएचइडी को दिया गया है, जो सभी पंचायतों में इसके चालू होने का दावा कर रहा है, लेकिन प्राय: मनीगाछी ही इकलौता प्रखंड है जहां अभी तक नल जल मरम्मति के लिए संवेदक की नियुक्ति तक नहीं हुई है. यह महीनों से यह प्रक्रियाधीन है. फिर भी विभाग दावा कर रहा है कि प्रखंड के सभी नल-जल लोगों को पानी पिला रहा है. जमीनी हकीकत यह है कि लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं. इसका प्रमाण चनौर, राजे, बाजिदपुर, भंडारिसम, जगदीशपुर, ब्रह्मपुर सहित अन्य पंचायतों के अधिकांश वार्डों में दिख रहा है.

सर्वाधिक परेशानी चनौर पंचायत वार्ड नौ, ब्रह्मपुर के वार्ड, तीन, चार, आठ. 10 व 13, भंडारिसम के वार्ड 14, 15 व 16, जगदीशपुर के सभी वार्ड, बाजितपुर के अधिकांश वार्ड के लोगों को हो रही है. इन जगहों पर सभी सामान्य चापाकल ने पानी देना बंद कर दिया है. वहीं नल-जल साधारण दोष के कारण बंद पड़े हैं. वैसे लोगों की मानें तो आज तक जिस नल से लोगों को एक बूंद पानी नसीब नहीं हुआ, वहां भी पीएचइडी जलापूर्त्ति का दावा कर रहा है. चनौर वार्ड नौ के भक्तिनाथ झा, रामजी मुखिया लुखिया देवी, रोहित मिश्र, गुणानंद झा, महावीर मुखिया, तेज नारायण झा आदि का कहना है कि विगत एक माह से यहां के लोग भीषण जल संकट से जूझ रहे हैं. बगल के एक सरकारी चापाकल इंडिया मार्का टू लोगों का सहारा बना हुआ है. 60 से 70 परिवार के बीच एक चापाकल होने के कारण यहां के लोगों को पेयजल के लिए रतजगा करना पड़ रहा है. कुछ ऐसा ही हाल सभी पंचायतों का है. चनौर पंचायत के मुखिया मदन कुमार यादव, ब्रह्मपुर की पंसस रानी झा ने कहा कि पंचायत के सभी नल जल ठप पड़े हैं. अधिकांश वार्डों के चापाकल सूख गये हैं. मवेशी तक के लिए पानी का अभाव हो गया है. इसको लेकर कई बार पीएचइडी के मंत्री से लेकर विभाग के अधिकारियों से जलापूर्ति की मांग की गई, लेकिन विभाग के अभियंता सुनने को तैयार नहीं है.

कहते हें अभियंता

मनीगाछी में नल-जल मरम्मत के लिए अभिकर्ता का चयन नहीं हो सका है, फिर भी साधारण त्रुटि वाले नल-जल की मरम्मत कर जलापूर्ति की जा रही है. वैसे प्रभावित वार्डों में इंडिया मार्का चापाकल लगाने का प्रावधान किया गया है जो अभी प्रक्रियाधीन है.

– राजीव रंजन, सहायक अभियंता, पीएचइडी

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By PRABHAT KUMAR

PRABHAT KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >