अहल्या गौतम महोत्सव पर ग्रहण से लोगों का उत्साह ठंडाविभाग व न्यास समिति की उदासीनता से आायोजित नहीं हुआ इस साल महोत्सवकमतौल . अगहन विवाह पंचमी पर धार्मिक तीर्थ स्थल में शुमार अहल्यास्थान में ग्रामीणों के सहयोग और सिया-पिया निवास के महंत बजरंगी शरण के प्रयास से प्रतिवर्ष होने वाले सीता-राम विवाहोत्सव के सफल आयोजन के बाद गुरूवार को स्थानीय तथा आसपास के गांव में अक्षय नवमी पर होने वाले राजकीय महोत्सव का दर्जा प्राप्त अहल्या-गौतम महोत्सव के होने या नहीं होने की चर्चा तेज हो गयी. कोई विभागीय जिला प्रशासन की उदासीनता तो कोई न्यास समिति की उदासीनता की बात कह रहा था. तो कई लोग जिनकी संख्या ज्यादा थी. विभागीय उदासीनता से ज्यादा न्यास समिति की निष्क्रि यता पर सवाल उठा रहे थे. लोग कह रहे थे की महोत्सव के समय नजदीक आने पर न्यास के सदस्य सक्रि य नजर आने लगते है. महोत्सव के बाद फिर अगले महोत्सव आने तक सभी सदस्य कुम्भकर्णी निद्रा में सो जाते हैं. पुनर्गगिठत न्यास समिति द्वारा पहली बैठक में प्रत्येक दो माह पर बैठक आयोजित करने का निर्णय के बावजूद कतिपय कारणों से दूसरी बैठक का नहीं होना भी चर्चा में शामिल रहा.27-29 दिसंबर को अहल्या-गौतम महोत्सव की प्रस्तावित तिथि पर आधिकारिक रूप से मुहर नहीं लगने से लोगों का उत्साह ठंढा पड़ रहा है. महोत्सव के माध्यम से मालिनी अवस्थी, तृप्ति शाक्या जैसे नामचीन गायक की गायकी के कायल लोग इस वर्ष उदित नारायण को देखने -सुनने के मंसूबे पाल रखे थे. जो विभागीय जिला प्रशासन और न्यास समिति की उदासीनता की भेंट चढ रही है. लोगों द्वारा आपस में किये जाने वाले सवाल-जबाब से इस वर्ष महोत्सव आयोजित होने के आसार कम ही नजर आ रहे है. हालाकि जिला प्रशासन पत्राचार और न्यास समिति किसी तारणहार के भरोसे महोत्सव आयोजित करवाने की जुगत में है.
अहल्या गौतम महोत्सव पर ग्रहण से लोगों का उत्साह ठंडा
अहल्या गौतम महोत्सव पर ग्रहण से लोगों का उत्साह ठंडाविभाग व न्यास समिति की उदासीनता से आायोजित नहीं हुआ इस साल महोत्सवकमतौल . अगहन विवाह पंचमी पर धार्मिक तीर्थ स्थल में शुमार अहल्यास्थान में ग्रामीणों के सहयोग और सिया-पिया निवास के महंत बजरंगी शरण के प्रयास से प्रतिवर्ष होने वाले सीता-राम विवाहोत्सव के सफल आयोजन […]
