सुविधा के बजाय आफत बनने की राह पर डेमूकम रैक रहने से यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने में करनी पड़ती है कड़ी मशक्त* पांच घंटे विलंब से चली डीएमयू ट्रेन कमतौल, दरभंगा दरभंगा-सीतामढ़ी रेलखंड पर पैसेंजर ट्रेन को बंद कर डीएमयू का परिचालन कितना सार्थक होगा, यह तो रेल प्रशासन जानें. परंतु छह बोगियों वाले डीएमयू के परिचालन से आमलोगों को कोई फायदा होते नहीं दिख रहा. दैनिक यात्रियों द्वारा गाडि़यों की संख्या बढ़ाने और टाइम टेबुल में सुधार करने की बहुप्रतीक्षति मांग पर ध्यान देने की बजाय बोगियों की संख्या कम कर पुराने समय पर ही डीएमयू का परिचालन सार्थक प्रतीत नहीं होता. पुराने रैक से डीएमयू का परिचालन दैनिक यात्रियों के लिए महज छलावा साबित हो रहा है.पूर्व परिचालित पैसेंजर ट्रेन में कभी 9 तो कभी 11 बोगी होती थी, फिर भी यात्री भेंड़-बकरी की तरह लदकर गंतव्य तक पहुंचने में कामयाब होते थे. अब छह बोगियों वाले डीएमयू में यात्रा कितनी मुश्किल होती होगी, सहज अंदाजा लगाया जा सकता है. पहले ही दिन मंगलवार को कमतौल स्टेशन पर यात्रियों को डीएमयू ट्रेन में चढने को कड़ी मशक्कत करते देखा गया. जिससे मौके पर मौजूद रेलकर्मी भी हतप्रभ नजर आये थे.डीएमयू के परिचालन से यात्रियों द्वारा ट्रेन समय पर आने-जाने की उम्मीद की जा रही थी. परंतु पहले दिन मंगलवार को ही करीब 28 मिनट विलम्ब से कमतौल स्टेशन पर पहुंचने वाली ट्रेन दूसरे दिन बुधवार को भी करीब 43 मिनट विलम्ब से पहुंची. वहीं तीसरे दिन गुरुवार घंटों विलम्ब से पहुंचने के चलते दर्जनों यात्री वैकिल्पक व्यवस्था से गंतव्य को रवाना हुए. कमतौल स्टेशन से प्राप्त जानकारी पर भरोसा करें तो गुरूवार को दरभंगा-सीतामढी 75205 नंबर डीएमयू सुबह 6.50 के बजाय 11.32 बजे, करीब 4 घंटा 42 मिनट विलम्ब से पहुंची. वहीं दूसरी 75255 नंबर डीएमयू 12.05 की बजाय दोपहर 3.40 बजे, करीब 3 घंटा 35 मिनट विलम्ब से पहुंची.इंजन में खराबी,तीन घंटे खड़ी रही ट्रेन कमतौल. दरभंगा-सीतामढ़ी 75205 डीएमयू के इंजन में आयी खराबी से ट्रेन गुरुवार को मुहम्मदपुर स्टेशन पर घंटों खड़ी रही. जिससे यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पडा. करीब ढाई से तीन घण्टा बाद दरभंगा से दूसरा इंजन भेजा गया. इसके बाद उक्त ट्रेन गंतव्य को रवाना हो सका. इस दौरान यात्रियों ने दरभंगा से सीतामढी की ओर जाने वाली न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस को मुहम्मदपुर स्टेशन पर रोक लिया. एक्सप्रेस ट्रेन के ठहराव वाले स्टेशन तक यात्रा करने वाले यात्री सामान सहित उसमें सवार होने में कामयाब हुए, वहीं अन्य यात्री ट्रेन खुलने का इंतजार करते रहे.
सुविधा के बजाय आफत बनने की राह पर डेमू
सुविधा के बजाय आफत बनने की राह पर डेमूकम रैक रहने से यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने में करनी पड़ती है कड़ी मशक्त* पांच घंटे विलंब से चली डीएमयू ट्रेन कमतौल, दरभंगा दरभंगा-सीतामढ़ी रेलखंड पर पैसेंजर ट्रेन को बंद कर डीएमयू का परिचालन कितना सार्थक होगा, यह तो रेल प्रशासन जानें. परंतु छह बोगियों वाले […]
