कमतौल : सीताराम विवाहोत्सव को लेकर प्रसिद्ध धार्मिक तीर्थ स्थल अहल्यास्थान स्थित सिया-पिया निवास से दिन के 2.30 बजे प्रभु श्रीराम की बारात शोभा यात्रा के साथ निकली. जो देर शाम गांव का परिभ्रमण कर वापस सिया-पिया निवास लौटा. राम बारात देखने के लिए गांव में सडकों के किनारे महिलाएं कतार में खडी थी. अपने आराध्य प्रभु का दर्शन-पूजन और एक झलक पाने को जगह-जगह श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही.आगे-आगे प्रभु श्री राम का डोला,
पीछे बैंड बाजा की धुन पर कुछ श्रद्धालु जय श्री राम का जयकारा लगा रहे थे तो कई श्रीराम-लक्ष्मण की झांकी को निहार अपने को धन्य कर रहे थे. इससे पहले प्रभु श्रीराम को विधि-विधान से स्नान आदि के बाद नये परिधान पहना सजाया गया. माथे पर चन्दन का टीका और आखों में काजल लगाया गया.
इस अवसर पर महिला श्रद्धालुओं ने गोसाउनिक गीत तथा बैठे-बैठे कौशल्या के गोद, रामचंद्र दूल्हा बने, माथे रामजी के मौरिया शोभे, लडिया पर नाच रहे मोर जैसे कई वैवाहिक गीत गाये गये. इधर अहल्या गहबर में मंगलवार देर रात गाजे-बाजे के बीच मंगल गीत के साथ मां जानकी सीता के विवाह के लिए मटकोर की रस्म अदायगी हुई.
