अवध नगरिया से ऐली सुंदर दुल्हा, जनक नगरिया भइले शोर

अवध नगरिया से ऐली सुंदर दुल्हा, जनक नगरिया भइले शोरभगवान राम की निकली बारात,दर्शन को खड़ी थी महिलाएं फोटो::::::::21,22परिचय : भगवान राम एवं लक्ष्मण की झांकी, डोली पर भगवान राम को ले जाते लोग कमतौल. सीताराम विवाहोत्सव को लेकर प्रसिद्ध धार्मिक तीर्थ स्थल अहल्यास्थान स्थित सिया-पिया निवास से दिन के 2.30 बजे प्रभु श्रीराम की […]

अवध नगरिया से ऐली सुंदर दुल्हा, जनक नगरिया भइले शोरभगवान राम की निकली बारात,दर्शन को खड़ी थी महिलाएं फोटो::::::::21,22परिचय : भगवान राम एवं लक्ष्मण की झांकी, डोली पर भगवान राम को ले जाते लोग कमतौल. सीताराम विवाहोत्सव को लेकर प्रसिद्ध धार्मिक तीर्थ स्थल अहल्यास्थान स्थित सिया-पिया निवास से दिन के 2.30 बजे प्रभु श्रीराम की बारात शोभा यात्रा के साथ निकली. जो देर शाम गांव का परिभ्रमण कर वापस सिया-पिया निवास लौटा. राम बारात देखने के लिए गांव में सडकों के किनारे महिलाएं कतार में खडी थी. अपने आराध्य प्रभु का दर्शन-पूजन और एक झलक पाने को जगह-जगह श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही.आगे-आगे प्रभु श्री राम का डोला, पीछे बैंड बाजा की धुन पर कुछ श्रद्धालु जय श्री राम का जयकारा लगा रहे थे तो कई श्रीराम-लक्ष्मण की झांकी को निहार अपने को धन्य कर रहे थे. इससे पहले प्रभु श्रीराम को विधि-विधान से स्नान आदि के बाद नये परिधान पहना सजाया गया.माथे पर चन्दन का टीका और आखों में काजल लगाया गया. इस अवसर पर महिला श्रद्धालुओं ने गोसाउनिक गीत तथा बैठे-बैठे कौशल्या के गोद, रामचंद्र दूल्हा बने, माथे रामजी के मौरिया शोभे, लडिया पर नाच रहे मोर जैसे कई वैवाहिक गीत गाये गये. इधर अहल्या गहबर में मंगलवार देर रात गाजे-बाजे के बीच मंगल गीत के साथ मां जानकी सीता के विवाह के लिए मटकोर की रस्म अदायगी हुई.विवाह के रस्म को देख भाव विभोर हुए श्रद्धालु अगहन विवाह पंचमी के अवसर पर बुधवार देर रात अहल्यास्थान स्थित सिया-पिया निवास में आयोजित सीता-राम विवाह उत्सव श्रद्धालुओं में गुजरे जमाने में हुए सीता-राम विवाह की याद दिला गया. बजरंग म्युजिकल द्वारा गीत-संगीत के बीच हंसी-ठिठोली और मनोरंजन के साथ सभी वैवाहिक रस्म की प्रस्तुति देख श्रद्धालु भाव विभोर हो, रात भर गोते लगाते रहे. धनुष भंग न होने, बाद में गुरू के आदेश से राम द्वारा धनुष तोड़ने, प्रसन्न सीता द्वारा राम के गले में वरमाला डालने की रस्म के बाद बारात के स्वागत में समधी सहित बरातियों को अवध नगरिया से ऐली सुंदर दुल्हा, जनक नगरिया भइले शोर जैसे कई गीत सुनाया गया. परिछन के क्र म में छोटी-मोटी अपन सासू बड़ी गो जमाय हे, तनियक झुकू दुल्हा सेकब राउर गाल हे, ओठंगर के क्र म में चित चोरवा आजु बन्हैलिन हे, कन्यादान के क्र म में जांघिया चढाय बाबा बैठलन मंडप चढी, करू बाबा आब धिया दान हे , जैसे गीत गाये गए. वहीं महिला श्रद्धालुओं ने बरातियों के सम्मान में आजु हमारे दीन कुटी में आयल छथि भगवान, करू की स्वागत हे श्रीमान , जैसे गीत गाये वहीं ह्वजल्दी-जल्दी खाऊ समधी भात अबैय, दाल लाबेला लोग सब बाजार गेलैय, जैसे गीत गाकर समधी और बरातियों का खूब मजाक उड़ाया. इससे पहले दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं से अहल्यास्थान पटा रहा. वातावरण भिक्तमय और गुलज़ार रहा. दिनभर दो और चार पिहया वाहनों से लोग आते-जाते रहे. श्रद्धालुओं का उत्साह देख सिया-पिया निवास के पूर्व महंत रामचंद्र शरण रामायणी और नव नियुक्त महंत ब्रह्मचारी बजरंगी शरण फूले नहीं समा रहे थे. वहीं ग्रामीणों के सहयोग की सराहना कर रहे थे . श्रद्धालुओं ने इस वर्ष निकलने वाले शोभा यात्रा और विवाहोत्सव की सराहना की.

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