फाइलेरिया व पेट के कीड़ा की दवा का वितरणजाले. स्वास्थ्य विभाग के निर्देश के आलोक में 14 से 16 दिसम्बर के बीच सभी आशा कार्यकर्त्ताओं को अपने-अपने पोषक क्षेत्र के सभी लाभुको को घर-घर जाकर डीइसी (डाइथाइल कर्बामाजेपीन) व अलबेंडाजोल की टैबलेट को खिलाना था, मगर अंतिम दिन 16 दिसम्बर तक वितरण अधिकांश इलाके में नहीं हो सका है़ इस संबंध में पूछे जाने पर जाले रेफरल अस्पताल के प्रभारी डा गंगेश झा ने बताया कि वितरण के लिए सभी आशा कार्यकर्त्ताओं को अपने पोषक क्षेत्र के हर घर में जाकर दवा खिलाने का निर्देश दिया जा चुका है. वे अपने-अपने पोषक क्षेत्र में दवाओ को खिलाने में जुटी हुई हैं.बढ़ी ठंड के कारण आशा कार्यकर्ताआें को कठिनाइ हो रही होगी़बढ़ी ठंड, अलाव का पता नहींजाले . तेज पछिया से बढ़ी ठंड के बावजूद अस्पताल, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड आदि जगहों पर लोग ठिठुरते हुए अपने-अपने जेबों में हाथ घुसाये हुए चलते दिख रहे हैं. रास्ते में मिलने वाले चाय की दुकान में चाय के बहाने हाथ सेंकने को मजबूर हैं. प्रखंड प्रशासन द्वारा आज तक प्रखंड क्षेत्र में कहीं भी अलाव जलाने का काम नहीं किया जा रहा है़
फाइलेरिया व पेट के कीड़ा की दवा का वितरण
फाइलेरिया व पेट के कीड़ा की दवा का वितरणजाले. स्वास्थ्य विभाग के निर्देश के आलोक में 14 से 16 दिसम्बर के बीच सभी आशा कार्यकर्त्ताओं को अपने-अपने पोषक क्षेत्र के सभी लाभुको को घर-घर जाकर डीइसी (डाइथाइल कर्बामाजेपीन) व अलबेंडाजोल की टैबलेट को खिलाना था, मगर अंतिम दिन 16 दिसम्बर तक वितरण अधिकांश इलाके में […]
