उर्दू अकादमी ने किया तीन साहित्यकारों को सम्मानित फोटो:::::::8परिचय : पुस्तक का लोकार्पण करते प्रोवीसी समेत अन्य. दरभंगा : देश में उर्दू भाषा और साहित्य को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही उर्दू अकादमियों में बिहार उर्दू अकादमी सबसे गतिशील है. बिहार उर्दू अकादमी ”अकादमी आप तक” कार्यक्रम का जो सिलसिला शुरू किया है उसके तहत हर जिले में पहुंचकर वहां के बुजुर्ग शायरों और साहित्यकारों को सम्मानित करना निश्चित रूप से एक अच्छी पहल और सराहनीय भी है. ये बातें मिथला विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति प्रो. सैयद मुमताजुद्दीन ने कही. वे अकादमी की ओर से मिल्लत कॉलेज के कांफ्रेंस हॉल आयोजित सभा को संबोधित करते हुए अपने अध्यक्षीय भाषण में कही. उन्होंने जकी अहमद, अब्दुल मन्नान तर्जी और ओवैस अहमद दौरां के कविता और रचनाओं की सराहना की. वहीं उनके गद्य का खुशवंत सिंह की गद्य की तरह एकीकृत गद्य करार दिया. कार्यक्रम के शुरुआत में इन तीनों साहित्यकारों को मोमेंटो व प्रशस्ति पत्र और 21-21 हजार रुपये देकर बिहार उर्दू अकादमी की ओर से प्रतिकुलपति ने सम्मानित किया. प्रोफेसर रईस अनवर रहमान, प्रो. शाकिर खलीक, डा. मुशताक अहमद, अता आबदी, मोजीर अहमद आजाद और एहतेशामुलहक ने अपना आलेख प्रस्तुत किया. मिल्लत कॉलेज के प्रिंसिपल डा. मोहम्मद रहमतुल्ला ने कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रतिकुलपति और उर्दू अकादमी के सचिव मुश्ताक अहमद नूरी का गुलदस्ता देकर स्वागत किया. दूसरी पाली में डक्टर अब्दुल मन्नान तर्जी की अध्यक्षता में मुशायरा का आयोजन किया गया. जिसमें कई रजनाकारों ने अपनी शायरी प्रस्तुत की.
उर्दू अकादमी ने किया तीन साहत्यिकारों को सम्मानित
उर्दू अकादमी ने किया तीन साहित्यकारों को सम्मानित फोटो:::::::8परिचय : पुस्तक का लोकार्पण करते प्रोवीसी समेत अन्य. दरभंगा : देश में उर्दू भाषा और साहित्य को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही उर्दू अकादमियों में बिहार उर्दू अकादमी सबसे गतिशील है. बिहार उर्दू अकादमी ”अकादमी आप तक” कार्यक्रम का जो सिलसिला शुरू किया है […]
