अहल्या गौतम महोत्सव पर लगा ग्रहण

अहल्या गौतम महोत्सव पर लगा ग्रहण सरकार की ओर से अब तक नहीं मिली राशिराज्य सरकार से प्राप्त हैं राजकीय महोत्सव का दर्जाकमतौल. अहल्यास्थान में अक्षय नवमी पर मनाये जाने वाले राजकीय दर्जा प्राप्त अहल्या गौतम महोत्सव विवाह पंचमी के बाद भी होगा या नहीं इसको लेकर जहां लोगों में ऊहापोह है, वहीं न्यास समिति […]

अहल्या गौतम महोत्सव पर लगा ग्रहण सरकार की ओर से अब तक नहीं मिली राशिराज्य सरकार से प्राप्त हैं राजकीय महोत्सव का दर्जाकमतौल. अहल्यास्थान में अक्षय नवमी पर मनाये जाने वाले राजकीय दर्जा प्राप्त अहल्या गौतम महोत्सव विवाह पंचमी के बाद भी होगा या नहीं इसको लेकर जहां लोगों में ऊहापोह है, वहीं न्यास समिति और जिला प्रशासन के लोग भी अबतक ऊहापोह में ही हैं. इस बीच 27-29 दिसंबर को अहल्या-गौतम महोत्सव का आयोजन होगा या नहीं, इसकी भी चर्चा जोर पकड़ने लगी है़ विगत पांच वर्षों में कतिपय कारणों से अलग-अलग तिथि पर आयोजित होने वाले अहल्या गौतम महोत्सव को लेकर जब विभाग ही सवाल उठाकर अड़ंगा लगा रहा हो, तो लोगों के मन में कई प्रकार का सवाल उठना लाजिमी है़ आधिकारिक सूत्रों की मानें तो विभागीय स्तर पर निर्धारित तिथि बीत जाने और महोत्सव नहीं होने को लेकर कई सवाल खड़े किये जा रहे हैं. जिससे आवंटन मिलने में परेशानी हो रही है़ न्यास के पदेन सचिव सह सीओ कैलास चौधरी से की गयी बातचीत से ऐसा ही प्रतीत होता है़ उनके द्वारा 27-29 दिसंबर को महोत्सव की तिथि प्रस्तावित होने की बात तो कही गयी, परन्तु राशि नहीं मिलने और इसके लिए विभाग से पत्राचार किये जाने की उनकी बात आशंका पर मुहर लगाती है़ चर्चा तो यह भी है की अहल्या गौतम महोत्सव राजनीतिक प्रतिद्वंद्वदिता की भेंट चढ़ रही है़ अक्षय नवमी पर होने वाले राजकीय दर्जा प्राप्त अहल्या-गौतम महोत्सव पर लगा ग्रहण फिलवक्त छूटने के आसार कम ही नजर आ रहे हैं. हालाकि प्रशासन जहां पत्राचार के माध्यम से विभागीय सवालों के जवाब देने में लगा है, वहीं न्यास से जुड़े लोग राशि का आवंटन करवाने को लेकर एड़ी-चोटी का जोर लगाते हुए एक तारणहार की तलाश करने में जुटे हैं. विभागीय परेशानी से बचने और राशि के आवंटन के लिए निगाह अब सीएम नीतीश कुमार की ओर भी उठने लगी है़ सीएम के हस्तक्षेप के बाद राशि का आवंटन होते ही महोत्सव आयोजित होने के कयास लगाये जा रहे हैं. फिलवक्त उक्त तिथि को लेकर अभी तक संशय जारी है़ महोत्सव को लेकर जिला प्रशासन, न्यास समिति और विभागीय स्तर पर अंदरखाने क्या गुल खिल रहा है, इससे लोगों को क्या लेना देना. उन्हें तो त्रिदिवसीय महोत्सव में होने वाले रंगारंग कार्यक्रम में गोते लगाने का अवसर चाहिए़ लोग कहते हैं की विभागीय अधिकारी को किसी के प्रभाव में नहीं आमलोगों के हित में अविलम्ब फैसला लेना चाहिए़ राशि का आवंटन कर फैल रहे भ्रम और संशय की स्थिति पर विराम लगाना चाहिए़

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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