इस बार फिर विकास से पिछड़ा जाले विधानसभा क्षेत्र प्रतिनिधि, जाले. जाले विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने जाने वाले को अक्सर विपक्ष में बैठने का मौका मिलता है. क्षेत्र के लोगों की मानें तो इस कारण से उनलोगों को मंत्री का क्षेत्र होने का गौरव नहीं मिल पाता है. इससे अपेक्षित विकास के मामले में भी वे पिछड़ जाते हैं. इस बार भी ऐसा ही हुआ है. दरभंगा जिले से इस बार तीन-तीन मंत्री बनाये गये हैं. बताया जाता है कि वर्ष 2005 में जब एनडीए प्रथम की सरकार सूबे में बनी थी उस बार जाले से राजद प्रत्याशी रामनिवास प्रसाद विधायक चुने गये थे. वर्ष 2010 में सूबे में फिर एनडीए की सरकार बनी और यहां से भाजपा के प्रत्याशी विजय कुमार मिश्र चुनाव जीतकर गये, जिससे इस इलाके का अपेक्षित विकास हुआ़ अहल्या स्थान को पर्यटन स्थल का दर्जा मिला तथा अक्षयनवमी को होने वाले गौतम-अहल्या महोत्सव को राजकीय महोत्सव का दर्जा दिया गया़ ठीक उसी प्रकार खिरोई नदी के तटबंध देखने आये नीतीश कुमार एवं जल संसाधन मंत्री द्वारा गौतम कुंड को पर्यटन स्थल के रूप में विकासित करने की नींब भी रखी गयी़ जन सहयोग से बन रहे विशाल मंदिर को देख मुख्यमंत्री ने कुंड का सौंदर्यीकरण करने के लिए लाखों रुपये दिये़ तत्कालीन विधायक विजय कुमार मिश्र द्वारा इस क्षेत्र के विकास के लिए कई पुल-पुलिया एवं सड़क दिया गया़ जाले में एक विद्युत पावर सब स्टेशन का भी निर्माण करवाया गया़ मगर एनडीए में हुई टूट के बाद श्री मिश्र भाजपा छोड़ जदयू से विधान पार्षद बनाये गये और वर्ष 2014 के उपचुनाव में जदयू के प्रत्याशी के रूप में उनके पुत्र ऋषि मिश्रा मैदान में आये़ जाले की जनता इन्हें अपना प्रतिनिधि चुनकर विधानसभा में भेजा. इस वर्ष के चुनाव में फिर एक बार जब सूबे में महागंठबंधन की सरकार बनी तो जाले की जनता ने भाजपा के प्रत्याशी जीवेश कुमार को अपना प्रत्याशी चुनकर विधानसभा में भेजा. सूबे की सरकार के विरोधी पार्टी के सदस्य को चुनकर भेजने पर क्या इस क्षेत्र का विकास बिना किसी विघ्न-बाधा का होते रहेगा, यह एक यक्ष प्रश्न जाले की जनता के मन में बार-बार कौंध रहा है़
इस बार फिर विकास से पिछड़ा जाले विधानसभा क्षेत्र
इस बार फिर विकास से पिछड़ा जाले विधानसभा क्षेत्र प्रतिनिधि, जाले. जाले विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने जाने वाले को अक्सर विपक्ष में बैठने का मौका मिलता है. क्षेत्र के लोगों की मानें तो इस कारण से उनलोगों को मंत्री का क्षेत्र होने का गौरव नहीं मिल पाता है. इससे अपेक्षित विकास के मामले में […]
