हाथ में प्लास्टर के बाबजूद पुत्र के सहारे दिया अर्घ

हाथ में प्लास्टर के बाबजूद पुत्र के सहारे दिया अर्घफोटो फारवार्डेड ::::::::आस्था के साथ समाप्त हुआ सूर्य षष्टी व्रत कमतौल ़ सूर्य को साक्षात देव माना गया है़ मान्यता है कि भक्ति से जिन लोगों ने षष्टी माता का निर्जला उपवास रखा व्रत किया या करने की सोची उनकी मनोकामना अवश्य ही पूरी हुई़ जीवन […]

हाथ में प्लास्टर के बाबजूद पुत्र के सहारे दिया अर्घफोटो फारवार्डेड ::::::::आस्था के साथ समाप्त हुआ सूर्य षष्टी व्रत कमतौल ़ सूर्य को साक्षात देव माना गया है़ मान्यता है कि भक्ति से जिन लोगों ने षष्टी माता का निर्जला उपवास रखा व्रत किया या करने की सोची उनकी मनोकामना अवश्य ही पूरी हुई़ जीवन से थके हारे जिन लोगों ने सच्चे मन से उनकी पूजा-अर्चना, आराधना कि उनकी भी मन्नत अवश्य पूरी होती है़ बाबु पोखर तालाब में पानो देवी व्रती हाथ में प्लास्टर होने के बाबजूद पुत्र के सहारे सूर्य को अर्घ प्रदान करने में जुटी थी़ मान्यता है की कतिपय कारणों से व्रत छूटने से दोबारा शुरू नहीं करने की परंपरा है़ सुरूज देव ने जब मन्नत पूरी कर दी तो जिसने जो मनता माना था, उसे पूरा करने की कोशिश की़ किसी ने पानी में ठढ़ीया दिया, कोई दंड प्रणाम करते हुए छठ घाट पहुंचे़ कुछ लोग ऐसे भी थे जिसने मन्नत पूरा होने पर अंचरा पर नटुआ नचवाया़ मनता के अनुसार कई लोगों ने छठ घाट पर बच्चों का मुंडन संस्कार संपन्न करवाया़ इस दौरान गाजे-बाजे की धुन पर लोग नाचते नजर आये़ रंग-बिरंगी दुधिया रौशनी से सजा छठ घाट का नजारा अद्भुत होता है़ ध्वनि विस्तारक यंत्रों से बज रहे छठ गीतों से वातावरण भक्तिमय बना रहता है़ छठ के मौके पर परदेश से आने वाले परदेशी पूतों से छठ घाट और गांव का वातावरण पहले से ही गुलजार रहता है़ वही छठ के अवसर पर महथा पोखर पर स्थापित सूर्य प्रतिमा और अन्य देवी-देवताओं के दर्शन को भीड़ उमड़ती है़ सात घोड़े पर सवार सूर्यदेव सहित अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमा आकर्षण का केंद्र होती है़ कुशेश्वरस्थान ़ प्रखण्ड क्षेत्र में बुधवार को सुबहकालीन सूर्यदेव के अर्घ के साथ लोक अस्था का महापर्व छठ शांतिपूर्ण संपन्न हो गया. छठघाट औराही,बेरि,हिरणी,गोड़ा,घोड़सर,मिससी, ब्रह्मपुर,आसो सहित विभिन्न स्थानों पर छठ पूजा को लेकर लोगों ने घाटों को आकर्षक ढ़ंग सजाकर रोशनी की व्यवस्था किया था. साथ ही नदी तलाबों में नाव की तैनाती कर किसी भी परिस्थित से निबटने की तैयारी भी आपसी सहयोग से कर रखे थे. वहीं छठ पर्व के मौके पर गोड़ा गांव में युवकों के द्वारा मंगलवार की रात मैथिली नाटक मुखियागिरी का मंचन किया. युवाओं की टोली ने अपने मेहनत के बल पर नाटक की सफलता पूर्वक प्रस्तुति कर जमकर प्रशंसा बटोरने में कमयाब रहे.

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