कार्यालयों में अघोषित छुट्टी

कार्यालयों में अघोषित छुट्टी फोटो- फारवार्डेडपरिचय- खाली पड़ा अनुमंडल कार्यालय के बाबुओं की कुरसी. बेनीपुर. सरकार द्वारा छठ पर्व के खरना के दिन अवकाश नहीं घोषित किये जाने के बावजूद सोमवार को प्रखंड, अंचल एवं अनुमंडल कार्यालय में अघोषित छुट्टी सा नजारा दिखा. अनुमंडल कार्यालय में दिन के दो बजे सन्नाटा पसरा हुआ था. एसडीओ […]

कार्यालयों में अघोषित छुट्टी फोटो- फारवार्डेडपरिचय- खाली पड़ा अनुमंडल कार्यालय के बाबुओं की कुरसी. बेनीपुर. सरकार द्वारा छठ पर्व के खरना के दिन अवकाश नहीं घोषित किये जाने के बावजूद सोमवार को प्रखंड, अंचल एवं अनुमंडल कार्यालय में अघोषित छुट्टी सा नजारा दिखा. अनुमंडल कार्यालय में दिन के दो बजे सन्नाटा पसरा हुआ था. एसडीओ के चेंबर से लेकर बाबुओं की कुर्सियां तक खाली पड़ी थी. एक दो कर्मी को छोड़ सबके सब अब्सेंट दिखे. पूछने पर उपस्थित कर्मी ने बताया कि साहब जिला के बैठक में गये हैं. बाबू सब कहां गये पता नहीं. यही स्थिति प्रखंड कार्यालय एवं अंचल कार्यालय का था. न साहब थे न बाबू. प्रखंड कार्यालय में कुछ देर के लिए प्रधान लिपिक के साथ कुछ राजस्व कर्मी दिखे पर 2.15 बजे तक कार्यालय में ताला झूल रहा था. क्योंकि बीडीओ साहब भी जिला के बैठक में जाने की जानकारी मिला. वैसे सामान्य दिनों की अपेक्षा आमजनों की उपस्थिति भी नगण्य दिख रही थी. जबकि बाजार में भारी भीड़ थी.परंपरागत तरीके से जांता से तैयार किया आटाफोटो- फारवार्डेडपरिचय- जांता से पर्व के लिए आटा तैयार करती ग्रामीण महिलाएं.परंपरा जिंदा है कि अपने हाथों से जाता से तैयार आटा से ही राणा माय को अर्घ दिया जाता है. जिसके लिए नहाय-खाय के साथ ही घर-घर से जांता की आवाज के साथ लगनी की स्वर लोगों को वो पुरानी यादों को ताजा कर दिया.

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