::::::::जेपी व नागार्जुन के चिकित्सक रहे डा. गणपति मिश्र का निधन फाइल फोटो. 11परिचय. डा. गणपति मिश्र.दरभंगा. लोकनायक जय प्रकाश नारायण, सांसद सह मैथिली के मूर्धन्य साहित्यकार सुरेंद्र झा सुमन व हिंदी-मैथिली के चर्चित साहित्यकार बैद्यनाथ मिश्र यात्री ‘नागार्जुन’ सरीखे हस्यिों के निजी चिकित्सक रहे डा. गणपति मिश्र नहीं रहे. प्रख्यात हृदय रोग विशेषज्ञ डा. मिश्र का रविवार की सुबह निधन हो गया. वे 75 वर्ष के थे. शहर के लक्ष्मी सागर स्थित आवास पर दिनभर उनके अंतिम दर्शन के लिए गणमान्यों का तांता लगा रहा. सोमवार को उनका अंतिम संस्कार किया जायेगा. 8 फरवरी 1940 को उनका जन्म हुआ था. एमबीबीएस, एमडी (मेडिसिन), डीटीडी डिग्री हासिल करने के बाद चिकित्सक के रूप में उनकी पहली पोस्टिंग समस्तीपुर के रूसेरा घाट में हुई. इसके बाद दरभंगा के सिंहवाड़ा में सेवा देने के बाद पीएमसीएच में इनको तैनात कर दिया गया. इसके बाद वे दरभंगा मेडिकल कॉलेज में आये. मेडिसिन विभागाध्यक्ष के रूप में 1999 में सेवानिवृत्त हो गये. जब पटना में जय प्रकाश नारायण वेंटिलेटर पर थे तो चिकित्सकों के दल में डा. मिश्र भी शामिल थे. इसने राज्य स्तर पर इन्हें ख्याति दिलायी. इसके बाद नागार्जुन, आचार्य सुमन समेत दर्जनों साहित्ससेवियों के निजी चिकित्सक के रूप में उपचार करते रहे. इनकी गहरी अभिरुचि साहित्य लेखन में भी थी. हाल ही में मैथिली में उनकी कविता संग्रह ‘हमहूं कविता लीखि लैत छी’ का लोकार्पण हुआ है. इनकी पत्नी आशा मिश्र भी प्रतिष्ठित साहित्यकार हैं. इस साल साहित्य के सबसे बड़े पुरस्कार ‘साहित्य अकादेमी पुरस्कार’ मिला है. इनके निधन से चिकित्सा क्षेत्र सहित साहित्य जगत मर्माहत है.
::::::::जेपी व नागार्जुन के चिकत्सिक रहे डा. गणपति मश्रि का निधन
::::::::जेपी व नागार्जुन के चिकित्सक रहे डा. गणपति मिश्र का निधन फाइल फोटो. 11परिचय. डा. गणपति मिश्र.दरभंगा. लोकनायक जय प्रकाश नारायण, सांसद सह मैथिली के मूर्धन्य साहित्यकार सुरेंद्र झा सुमन व हिंदी-मैथिली के चर्चित साहित्यकार बैद्यनाथ मिश्र यात्री ‘नागार्जुन’ सरीखे हस्यिों के निजी चिकित्सक रहे डा. गणपति मिश्र नहीं रहे. प्रख्यात हृदय रोग विशेषज्ञ डा. […]
