Darbhanga News: दरभंगा. श्रावणी मेला में श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए हैं. हालांकि सोमवारी के दिन ड्यूटी में बड़ी लापरवाही सामने आई, जब 67 प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों में से 30 अपने निर्धारित स्थानों पर अनुपस्थित मिले. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच दंडाधिकारियों की अनुपस्थिति का असर व्यवस्था पर भी देखने को मिला. मामले को लेकर एसडीओ सह बाबा कुशेश्वरस्थान न्यास समिति के अध्यक्ष शशांक राज ने कड़ी नाराजगी जताई है.
Kusheshwarsthan News: 67 में 30 दंडाधिकारी मिले अनुपस्थित
सोमवारी जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने और उनकी सुविधा के लिए कुल 67 दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी. निरीक्षण के दौरान इनमें से 30 दंडाधिकारी अपने निर्धारित ड्यूटी स्थल पर अनुपस्थित पाए गए. प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है.
श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच व्यवस्था पर पड़ा असर
सोमवारी के अवसर पर बाबा कुशेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा था. ऐसे में ड्यूटी पर प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों की अनुपस्थिति से मौके की व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति बनी. हालांकि पुलिस जवानों और स्वयंसेवकों ने अपने स्तर से मोर्चा संभालते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ नियंत्रण में सक्रिय भूमिका निभाई.
एसडीओ ने मांगा स्पष्टीकरण
एसडीओ शशांक राज ने अनुपस्थित मिले सभी दंडाधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की पहली प्राथमिकता है. इसके लिए सभी अधिकारियों को पहले से आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे.
संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो होगी विभागीय कार्रवाई
एसडीओ ने कहा कि ड्यूटी में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अनुपस्थित दंडाधिकारियों से प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा की जाएगी. यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
पुलिस और स्वयंसेवकों ने संभाली व्यवस्था
दंडाधिकारियों की अनुपस्थिति के बावजूद पुलिस बल के जवानों और नव नियुक्त स्वयंसेवकों ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगातार काम किया. स्वयंसेवकों ने श्रद्धालुओं को कतार में लगाने, रास्ता बताने और भीड़ को नियंत्रित करने में सहयोग किया. इससे बड़ी भीड़ के बावजूद व्यवस्था को संभालने में मदद मिली.
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