Darbhanga Supaul Four Lane: दरभंगा से सुपौल के बीच बनने वाले 80 किलोमीटर लंबे फोरलेन हाईवे के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करने का काम शुरू हो गया है. इस नई और आधुनिक सड़क के बन जाने से न सिर्फ दरभंगा, मधुबनी और सुपौल के बीच आना-जाना बेहद आसान हो जाएगा, बल्कि पूरे क्षेत्र में व्यापार और विकास को भी एक नई और तेज गति मिलेगी.
हाईवे के लिए टेंडर प्रक्रिया हुई शुरू
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस प्रस्तावित दरभंगा-सुपौल फोरलेन प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार कराने के लिए टेंडर निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस पूरे हाईवे की अनुमानित लंबाई लगभग 80 किलोमीटर तय की गई है. जैसे ही एजेंसी द्वारा इसकी फाइनल रिपोर्ट तैयार कर ली जाएगी, उसके तुरंत बाद सड़क निर्माण का आगे का काम और जमीन पर निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.
मधेपुर और बेरिया के रास्ते जुड़ेंगे तीनों जिले
यह नया फोरलेन रूट दरभंगा को मधुबनी जिले के मधेपुर और सुपौल जिले के बेरिया से होते हुए आपस में जोड़ेगा. इस खास रास्ते के बन जाने से तीनों बड़े जिलों के बीच का सड़क संपर्क पहले के मुकाबले काफी सुगम, सुरक्षित और तेज हो जाएगा. इसका सबसे बड़ा फायदा आम यात्रियों को समय की बचत के रूप में मिलेगा और साथ ही भारी माल ढुलाई वाले वाहनों को भी बड़ी राहत मिलेगी.
9 महीने के अंदर तैयार होगी पूरी रिपोर्ट
एनएचएआई के नियमों के मुताबिक, टेंडर में चुनी जाने वाली एजेंसी को 9 महीने के भीतर अपनी पूरी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करके सरकार को सौंपनी होगी. इस समय के दौरान सड़क बनाने की संभावनाओं, सबसे बेहतरीन रूट, जमीन अधिग्रहण, रास्ते में आने वाले छोटे-बड़े पुल-पुलियों की जरूरत, गाड़ियों के दबाव, पर्यावरण पर पड़ने वाले असर और कुल खर्च जैसे सभी जरूरी तकनीकी पहलुओं का गहराई से अध्ययन किया जाएगा.
सफर के साथ-साथ बिजनेस को भी मिलेगा फायदा
इस फोरलेन हाईवे के चालू होने से दरभंगा, मधुबनी और सुपौल के बीच का ट्रैवल टाइम बहुत कम हो जाएगा. बेहतरीन रोड कनेक्टिविटी होने की वजह से किसानों के कृषि उत्पादों को समय पर बाजार पहुंचाया जा सकेगा. इसके साथ ही व्यापारिक गतिविधियों और उद्योगों से जुड़े सामानों को लाने-ले जाने में तेजी आएगी, जिससे पूरे उत्तर बिहार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी.
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स्थानीय जनता की बरसों पुरानी मांग होगी पूरी
इस इलाके के लोग काफी लंबे समय से इस रूट को चौड़ा करने और सड़क संपर्क को बेहतर बनाने की मांग कर रहे थे. अब जब डीपीआर बनाने का काम आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है, तो स्थानीय लोगों में एक नई उम्मीद जागी है कि यह प्रोजेक्ट जल्द ही जमीन पर दिखाई देगा. लोगों का मानना है कि इस फोरलेन से उत्तर बिहार की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और युवाओं के लिए विकास के नए अवसर खुलेंगे.
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