Darbhanga Aiims News: दरभंगा एम्स का मुद्दा एकबार फिर से सुर्खियों में बना हुआ है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दरभंगा एम्स को लेकर बड़ा ऐलान किया है. सीएम नीतीश ने कहा कि दरभंगा एम्स शोभन में ही बनेगा. केंद्र ने भी इसकी मंजूरी दे दी है. राज्य सरकार ने दरभंगा एम्स के लिए शहर से बाहर शोभन में जिस जमीन का चयन किया था. बिहार का दूसरा प्रस्तावित एम्स वहीं बनेगा. ऐसे कयाश लगाए जा रहे थे कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बीच दरभंगा एम्स को लेकर चल रहे घमासान के बीच अब एम्स प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया है. लेकिन मुख्यमंत्री के एक बयान ने अब तमाम उम्मीदों को फिर से जिंदा कर दिया है. आखिर केंद्र और राज्य के बीच चल रहे विवाद को सुलझाया कैसे गया, इसके पीछे की कहानी भी सीएम नीतीश ने बतायी है.
सीएम नीतीश कुमार ने बताया- केंद्र से मंजूरी आ गयी
दरभंगा के डीएमसीएच परिसर में सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में शरीक हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि दरभंगा एम्स बनाने को लेकर केन्द्र से सहमति मिल गयी है. शोभन में जगह चिन्हित कर लिया गया है.अब इस पर काम शुरू होगा. कनेक्टिविटी के लिये फोरलेन का निर्माण भी करा रहे हैं. एम्स बन जाने से शहर का विस्तार होगा. सीएम ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से दरभंगा एम्स बनाने को लेकर जनवरी में हमको जगह दिखायी गयी. अब शोभन में एम्स बनाने को लेकर केंद्र से मंजूरी आ गयी है. केंद्र सरकार की ओर से दरभंगा एम्स की ऊंचाई जो पहले से निर्धारित थी, उसको और बढ़ाने के लिए कहा गया है.प्रस्तावित स्थल को जरूरत के अनुसार और ऊंचा किया जायेगा. हम उसको बढ़ा रहे हैं.
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दरभंगा एम्स के लिए शोभन में जमीन का चयन
दरभंगा एम्स के लिए सीएम नीतीश कुमार के प्रयासों का जिक्र करते हुए जल संसाधन तथा सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री संजय कुमार झा ने कहा कि बिहार का दूसरा एम्स दरभंगा में बने, यह सीएम नीतीश कुमार ने ही तय किया था. जब इसी साल जनवरी में मुख्यमंत्री समाधान यात्रा पर दरभंगा आए तो उन्होंने एम्स के लिए शोभन-एकमी बाइपास के निकट चिह्नित भूमि की स्थल पर जाकर समीक्षा की थी और उसे मंजूरी दी थी. बिहार सरकार एम्स निर्माण के लिए 151.17 एकड़ मुफ्त जमीन देने के साथ-साथ उसमें मिट्टी भराई के लिए भी309 करोड़ से अधिक रुपये कैबिनेट से मंजूर कर कार्य का टेंडर जारी कर चुकी थी. इसके बाद केंद्र सरकार ने उक्त भूमि को लो लैंड बताते हुए वहां एम्स निर्माण से इंकार कर दिया था.उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से दरभंगा एम्स के संबंध में हाल में मिले पत्र का भी जिक्र किया.
केंद्र से भेजा गया पत्र, जानिए कैसे निकला रास्ता..
बता दें कि केंद्र सरकार के द्वारा बिहार के दूसरे एम्स, दरभंगा के निर्माण को लेकर वैकल्पिक जमीन की व्यवस्था करने का सुझाव हाल में दिया गया. केंद्र ने राज्य सरकार को कहा है कि वह शोभन स्थित एम्स की भूमि को व्यवस्थित कर सभी आवश्यक सुविधाओं सहित उपलब्ध करावे अथवा नये प्लाॅट की व्यवस्था करके केंद्र को दे. इसको लेकर दरभंगा में स्वास्थ्य मुख्यालय से पदाधिकारियों की टीम भी भेजी गयी थी. टीम को अपनी रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया था. वहीं अब यह तय कर लिया गया है कि राज्य सरकार की ओर से कोई नयी जमीन वाले विकल्प पर नहीं जाते हुए प्रस्तावित जमीन पर ही जरूरी मांगों को पूरा किया जाएगा. मंत्री संजय झा ने कहा कि केंद्र से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि बिहार सरकार कोई दूसरी भूमि प्रस्तावित करे या शोभन में प्रस्तावित भूमि में मिट्टी भरा कर और वहां तक सड़क बना कर दे. हमलोग पहले से कह रहे थे कि प्रस्तावित भूमि में यह काम कराएंगे.
सीएम नीतीश कुमार अड़े रहे..
बता दें कि दरभंगा एम्स को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच घमासान छिड़ा हुआ था. लेकिन सीएम नीतीश कुमार अपने फैसले पर अडिग थे कि अगर दरभंगा में एम्स बनेगा तो शोभन में ही बनेगा. मंत्री संजय झा का कहना था कि प्रस्तावित जमीन को खारिज करना तर्कसंगत नहीं है क्योंकि जिस इलाके में एम्स के लिए जमीन का चयन किया गया है उसी इलाके में दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज फंक्शनल है. अगर ये कॉलेज यहां बन सकता है तो फिर एम्स क्यों नहीं.
केंद्र व बिहार के स्वास्थ्य मंत्री हो चुके हैं आमने-सामने
सूबे के उपमुख्यमंत्री व बिहार के स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया भी ट्वीटर पर एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा चुके हैं. उन्होंने आरोप लगाया था कि एम्स दरभंगा की अनुमति मोदी सरकार ने 19 सितंबर 2020 को दी थी और बिहार सरकार ने 3 नवंबर 2021 को पहली जमीन दी. तेजस्वी यादव के ट्वीट पर केंद्रीय मंत्री ने लिखा था कि आप सरकार में आए और राजनीति करते हुए 30 अप्रैल 2023 को यह जगह बदल दी. वहीं अब दरभंगा एम्स से जुड़े विवादों का सुलह दिखने लगा है. बता दें कि केंद्र सरकार ने दरभंगा में 750 बेड के एम्स निर्माण की करीब 1200 करोड़ रुपये की योजना मंजूर की, जिसके लिए मुफ्त जमीन देने, मिट्टी भराई और सड़क निर्माण का काम राज्य सरकार को कराना है.
