पटना. बिहार में एक बार फिर कोरोना के मामले सामने आने शुरू हो गये हैं. नये वेरिएंट एक्सबीबी 1.16 का संक्रमण तेजी से फैल रहा है. अकेले राजधानी पटना में ही 10 दिनों में 46 मामले सामने आये हैं. इसी बीच, मंगलवार को राज्य में कोरोना के नौ नये मामलों की पुष्टि हुई है. वहीं पटना जिले में सात कोरोना संक्रमित मिले हैं. यहां संक्रमण दर 0.16 फीसदी है. हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि कोरोना से घबराएं नहीं, सावधानी बरतें और मास्क का प्रयोग करें.
पटना जिले के सभी 12 ऑक्सीजन प्लांट सक्रिय
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में पटना में एक्टिव मरीजों की संख्या 32 है, इसे देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने सिविल सर्जन को ऑक्सीजन प्लांट व इससे जुड़े उपकरणों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने जिलेवासियों से अपील की है कि कोरोना से डरने की जरूरत नहीं है, हालांकि नये वैरिएंट को देखते हुए सतर्कता जरूरी है और उसका ध्यान में रखते हुए ही कुछ करें. कोरोना के नये वेरिएंट एक्सबीबी-1.16 से फैलते संक्रमण को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी अस्पतालों को अलर्ट कर दिया है. सभी पीएसए ऑक्सीजन जेनरेटेड प्लांट को सक्रिय कर दिया गया है. अस्पतालों के प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि संबंधित तकनीशियन से प्लांट की जांच करा लें. सभी प्लांट पर तकनीशिन की तैनाती भी कर दी गई है. पटना जिले के सभी 12 ऑक्सीजन प्लांट को सक्रिय किया गया है.
डीएम ने सिविल सर्जन को दिया निर्देश
डीएम ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया है कि सभी ऑक्सीजन प्लांट के प्रभारियों से समन्वय स्थापित कर लें. प्लांट में जितने भी उपकरण हैं, उनकी जांच भी करा लें कि सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं. एजेंसियों के इंजीनियरों को बुलाकर प्लांट का निरीक्षण भी करा लें ताकि जिन अस्पतालों को कोरोना पीड़ित मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़े तो उसे निकटवर्ती प्लांट से उपलब्ध कराया जा सके. यदि किसी प्लांट में तकनीकी गड़बडी है तो इसकी सूचना इंजीनियर के साथ जिला एवं राज्य स्वास्थ्य समिति को भी दें. डीएम ने आपदा प्रबंधन के अधिकारियों को भी अस्पतालों का निरीक्षण करने को कहा है ताकि देख लें कि मेडिकल ऑक्सीजन गैस पाइपलाइन की सुरक्षा आपदा मानक के अनुसार सही है या नहीं.
