Akash Deep Mukesh Kumar DSP: बिहार पुलिस में स्पोर्ट्स कोटा से डीएसपी के पद पर क्रिकेटर आकाशदीप और मुकेश कुमार की नियुक्ति की गई. 24 जुलाई को दोनों क्रिकेटर्स को सीएम सम्राट चौधरी ने नियुक्ति पत्र दिया था. लेकिन बिहार सरकार ने दोनों को नौकरी देने के साथ-साथ शर्त भी रखी है. अगर उस शर्त को नहीं माना गया तो दोनों की नौकरी संकट में पड़ सकती है.
बिहार सरकार ने क्या रखी है शर्त?
जानकारी के मुताबिक, क्रिकेटर आकाशदीप और मुकेश कुमार से बिहार सरकार 5 साल के लिए बॉन्ड भरवाएगी. गृह विभाग की तरफ से एक अधिसूचना जारी की गई. इसके मुताबिक, क्रिकेटर आकाशदीप और मुकेश कुमार को डीएसपी इस शर्त पर बनाया गया है कि वे अगले 5 सालों तक एक्टिव रहेंगे और क्रिकेट टूर्नामेंट में हिस्सा लेते रहेंगे. अगर बिहार सरकार के इस बॉन्ड का उल्लंघन किया गया तो दोनों खिलाड़ियों की नौकरी को कंफर्म नहीं किया जाएगा.
आकाशदीप और मुकेश कुमार को कितनी मिलेगी सैलेरी?
जानकारी के मुताबिक, आकाशदीप और मुकेश कुमार को वेतनमान 9300-34800 रुपये, ग्रेड पे 5400 रुपये (पे लेवल-9) के मुताबिक सैलेरी मिलेगी. इस हिसाब से शुरुआत में उन्हें मंथली बेसिक सैलेरी 53100 रुपये मिलेंगे. बेसिक सैलेरी के अलावा मकान किराया, यात्रा, महंगाई भत्ता समेत अन्य सुविधाएं दी जाएंगी. साथ ही अगर जरुरत पड़ी तो सरकारी गाड़ी, आवास, ड्राइवर और मेडिकल सुविधाएं समेत अन्य सुविधाएं मिलेंगी. इसके अलावा नई पेंशन योजना का लाभ भी मिलेगा.
क्या होता है खेल कोटा और कैसे मिलती है नौकरी?
खेल कोटा खिलाड़ियों के लिए एक खास व्यवस्था होती है. इसके तहत खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए आरक्षित सीटें या विशेष मार्ग मिलता है. इसका उद्देश्य खिलाड़ियों का भविष्य सुरक्षित करना और राज्य में खेल को बढ़ावा देना है. इससे फायदा यह होता है कि ओलंपिक, एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल या राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के पदक विजेताओं को बिना किसी लंबी प्रतियोगी परीक्षाओं के सीधी नियुक्ति मिलती है.
इस व्यवस्था के तहत उन्हें नौकरी मिलती है, जिन खिलाड़ियों ने ओलंपिक, एशियाई खेल, राष्ट्रीय खेल या मान्यता प्राप्त अंतरराष्ट्रीय/राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बिहार का प्रतिनिधित्व किया हो और पदक जीता हो. सामान्य प्रशासन विभाग और कला, संस्कृति एवं युवा विभाग (खेल विभाग) की ओर से समय-समय पर सीधी भर्ती या आवेदन के लिए सूचना जारी की जाती है.
ऐसे में खिलाड़ियों को अपने मूल खेल प्रमाण पत्र (Original Sports Certificates) और अन्य शैक्षणिक डॉक्युमेंट्स दिखाने होते हैं. इसके बाद खेल उपलब्धियों के आधार पर उच्च स्तरीय समिति की तरफ से योग्यता की जांच के बाद डीएसपी, पुलिस सब-इंस्पेक्टर, लिपिक या खेल प्रशिक्षक (Sports Trainer) के पदों पर नियुक्ति के लिए रिकमेंड किया जाता है.
इस योजना के तहत मिला नियुक्ति पत्र
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 24 जुलाई को बिहार के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को 'मेडल लाओ, नौकरी पाओ' योजना के तहत नियुक्ति पत्र बांटा. ऐसे में भारतीय क्रिकेट टीम के दो खिलाड़ी आकाशदीप और मुकेश कुमार डीएसपी बनाए गए. कार्यक्रम के दौरान सीएम सम्राट चौधरी ने दोनों क्रिकेटरों को ऑफर लेटर दिया था. स्टेज पर क्रिकेटर आकाशदीप और मुकेश कुमार ने सीएम के पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया था.
सामान्य प्रशासन विभाग ने भेजा था प्रस्ताव
सामान्य प्रशासन विभाग के अवर सचिव सिद्धेश्वर चौधरी ने इस संबंध में गृह विभाग को प्रस्ताव भेजा था. इसके बाद दोनों खिलाड़ियों के नाम पर मंजूरी दे दी गई थी. सरकार की ओर से जारी लेटर में बताया गया था कि मुकेश कुमार ने चीन के हांगझोउ में आयोजित 19वें एशियन गेम्स में भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य के रूप में स्वर्ण पदक जीतने में योगदान दिया था. जबकि आकाश दीप भी एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने वर्ष 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम का हिस्सा थे.
