Coronavirus In Jharkhand : झारखंड समेत 8 राज्यों को प्राणवायु की सप्लाई कर रही बीएसएल, यूपी को लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की सर्वाधिक आपूर्ति, पढ़िए बोकारो स्टील प्लांट आपदा में कैसे निभा रहा अहम भूमिका

Coronavirus In Jharkhand, बोकारो न्यूज (सुनील तिवारी) : बोकारो स्टील प्लांट ने 32 दिनों ( 01 अप्रैल से 02 मई 2021 के बीच) में 4694.51 मीट्रिक टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति की है. सबसे अधिक 1561.53 मीट्रिक टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन उत्तर प्रदेश को भेजा गया है. उत्तर प्रदेश सहित बिहार, झारखंड, बंगाल, मध्य प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र व आंध्र प्रदेश को लिक्विड मेडिकल ऑक्सिजन की आपूर्ति की गई है. लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति झारखंड व अन्य राज्यों से हो रही डिमांड के मुताबिक और सरकार के निर्देशों के अनुरूप की जा रही है. लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति 22 अप्रैल तक सड़क मार्ग से ही हुई. 23 अप्रैल से ऑक्सीजन एक्सप्रेस (रेल मार्ग) से भी आपूर्ति की जा रही है.

Coronavirus In Jharkhand, बोकारो न्यूज (सुनील तिवारी) : बोकारो स्टील प्लांट ने 32 दिनों ( 01 अप्रैल से 02 मई 2021 के बीच) में 4694.51 मीट्रिक टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति की है. सबसे अधिक 1561.53 मीट्रिक टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन उत्तर प्रदेश को भेजा गया है. उत्तर प्रदेश सहित बिहार, झारखंड, बंगाल, मध्य प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र व आंध्र प्रदेश को लिक्विड मेडिकल ऑक्सिजन की आपूर्ति की गई है. लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति झारखंड व अन्य राज्यों से हो रही डिमांड के मुताबिक और सरकार के निर्देशों के अनुरूप की जा रही है. लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति 22 अप्रैल तक सड़क मार्ग से ही हुई. 23 अप्रैल से ऑक्सीजन एक्सप्रेस (रेल मार्ग) से भी आपूर्ति की जा रही है.

बीएसएल में लगभग 150 मीट्रिक टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन का उत्पादन प्रतिदिन हो रहा है. बीएसएल में दो ऑक्सिजन प्लांट हैं. कैप्टिव ऑक्सीजन प्लांट और मेसर्स आइनोक्स द्वारा संचालित ऑक्सीजन प्लांट. कोविड-19 मरीज़ों के इलाज की ज़रूरत को देखते हुए दोनों ही प्लांट में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन का उत्पादन बढ़ा दिया गया है. वर्तमान में दोनों प्लांट को मिलाकर लगभग 150 मीट्रिक टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन का उत्पादन प्रतिदिन हो रहा है. अप्रैल के आरंभ में लगभग 100 मीट्रिक टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन का उत्पादन प्रतिदिन हो रहा था. निदेशक प्रभारी अमरेन्दु प्रकाश के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम लगातार मॉनिटरिंग कर रही है.

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बीएसएल के संचार प्रमुख मणिकांत धान कहते हैं कि बीएसएल से लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति दो तरह से हो रही है. सिलिंडर फिलर एजेंसियों को और सीधे अस्पतालों को. संबधित पार्टी अपना खाली टैंकर लेकर बोकारो स्टील प्लांट लाती है और यहां लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन भरकर वापस जाती है. कैप्टिव ऑक्सीजन प्लांट में अधिकारियों समेत लगभग 90 बीएसएल कर्मी कार्यरत हैं. मेसर्स आइनोक्स के प्लांट में लगभग 80 कर्मी हैं. उत्पादन का कार्य 8-8 घंटे की तीन शिफ्ट में लगातार चल रहा है.

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बीएसएल से लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति

( 01 अप्रैल से 02 मई 2021 के बीच )

उत्तर प्रदेश : 1561.53 मीट्रिक टन

बिहार : 1000.03 मीट्रिक टन

मध्य प्रदेश : 860.08 मीट्रिक टन

झारखंड : 858.98 मीट्रिक टन

पंजाब : 311.57 मीट्रिक टन

बंगाल : 28.41 मीट्रिक टन

आंध्र प्रदेश : 21.75 मीट्रिक टन

महाराष्ट्र : 19.13 मीट्रिक टन

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Posted By : Guru Swarup Mishra

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