कोरोना का खौफ: अभी अंगूठे से नहीं, कार्ड के नंबर से लोगों को मिलेगा राशन

अंगूठा लगा कर राशन वितरण किये जाने की प्रक्रिया को फिलहाल बंद कर दिया गया है. अब राशन उपभोक्ताओं को अंगूठा नहीं बल्कि सिर्फ राशन कार्ड का नंबर बताना होगा

गया. कोरोना का खौफ शहर से गांव तक समा गया है. इसका असर राशन विक्रेताओं व उपभोक्ताओं पर बुरी तरह से हावी हो गया है. कोरोना का खौफ की वजह से सभी पुराने कायदे-कानून कुछ समय के लिए धराशायी कर दिये गये हैं. अंगूठा लगा कर राशन वितरण किये जाने की प्रक्रिया को फिलहाल सरल कर दिया गया है. अब राशन उपभोक्ताओं को अंगूठा नहीं बल्कि सिर्फ राशन कार्ड का नंबर बताना होगा. यही नहीं राशन उपभोक्ताओं को अपनी राशन दुकान के आगे भीड़ लगा कर खड़ा नहीं होना होगा. उन्हें एक दूसरे से कम से कम एक-एक मीटर की दूरी बनाये रखनी होगी.

शहर से लेकर गांवों तक हो रही है कोरोना वायरस की चर्चा

कोरोना के कारक व दुष्प्रभाव व परिणाम की चर्चा शहर से लेकर गांव-गांव के हर एक घर में जोर पकड़ चुका है. उसके परिणाम से हर कोई खौफजदा है. इस बात को समझते हुए शासन-प्रशासन ने ठोस कदम उठाया है. उस ठोस कदम में से एक गरीबों के राशन वितरण प्रक्रिया में फेरबदल भी शामिल है. गौरतलब है कि सरकार ने जनवरी से यह व्यवस्था बनायी थी कि पीओएस से ही लोगों को राशन दिये जायेंगे. यानी की पीएसओ पर उपभोक्ता पहले अंगूठा लगायेगा फिर राशन विक्रेता सरकारी मूल्यों के तहत उन्हें राशन देगा. यह प्रक्रिया भी राशन विक्रेताओं के विरोध के बावजूद सरकार की कड़ी मशक्त के बाद प्रभावी हो गयी थी और राशन विक्रेताओं ने राशन देना भी शुरू कर दिया था. लेकिन अब कोरोना के आतंक ने इस कायदे कानून को सरल करने से संबंधित निर्णय लेने पर विवश कर दिया है. दरअसल चिकित्सकों का कहना है कि जिस पीओएस मशीन पर बड़ी संख्या में लोग एक ही समय पर अंगूठा लगाते हैं. उससे कोराना का एक दूसरे के हाथ से पहुंचने की आशंका है.

मालूम हो कि पीएसओ को हैदराबाद से सीधे पर हैंडिल किया जाता है. उसमें हर फेरबदल का काम हैदराबाद में इंजीनियर ही बैठे-बैठे ही संपन्न कर देते हैं व मशीन अपनी गति से काम करने लगती है. बताया गया है कि राशन विक्रेता उपभोक्ताओं से सिर्फ राशन कार्ड का नंबर पूछेंगे और फिर उस नंबर को मशीन में फीड करेंगे. नंबर फीड करते ही उसमें राशन कार्ड धारी व उसके परिवार के सदस्यों की डिटेल और कितना राशन उसे मिलना चाहिए. सब कुछ मशीन पर आ जायेगा. जिसे उपभोक्ता चाहे तो देख भी सकता है. जितना राशन मशीन बतायेगा उतना ही राशन उपभोक्ता को राशन विक्रेता देगा. इसके अलावा यह भी आदेश दिया गया है कि राशन लेने वाले उपभोक्ता राशन दुकान पर भीड़ न लगाएं. भीड़ से बचने के लिए कहा गया कि प्रत्येक उपभोक्ता राशन दुकान से कम से कम एक मीटर की दूरी बनाये रखे.

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लेखक के बारे में

Author: Radheshyam Kushwaha

Published by: Prabhat Khabar

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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