रक्सौल में एयरो स्पोर्ट्स की फैसिलिटी, पैराग्लाइडिंग और स्काईडाइविंग का लेंगे मजा, जानिए प्लानिंग

Airport In Bihar: रक्सौल में हवाई उड़ान के साथ-साथ एयरो स्पोर्ट्स की गतिविधियां भी संचालित होने वाली हैं. भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की टीम निरीक्षण करने पहुंची थी. इस दौरान यह संभावना जताई गई कि रक्सौल में पैराग्लाइडिंग और स्काईडाइविंग की सुविधा लोगों के लिए डेवलप की जा सकती हैं.

Airport In Bihar: ‘रक्सौल में हवाई अड्डा संचालित होने के बाद यहां एयरो स्पोर्ट्स के साथ-साथ और भी कई तरह की गतिविधियों के लिए बेहतर संभावना है. रक्सौल हवाई अड्डा के पास जिस तरह जमीन की उपलब्धता है, इसका कई तरह से उपयोग करके इसको राज्य में एक मॉडल एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया जा सकता है.’ यह बात एयरो क्लब ऑफ इंडिया के जनरल सेक्रेटरी ग्रुप कैप्टन अरविंद बडोनी ने कही.

पांच सदस्यीय टीम पहुंची रक्सौल

जानकारी के मुताबिक, अरविंद बडोनी के नेतृत्व में रक्सौल में हवाई अड्डा के साथ-साथ अन्य गतिविधियों की क्या-क्या संभावना है, इसके अध्ययन को लेकर पांच सदस्यीय टीम पहुंची थी. टीम के सदस्यों ने रक्सौल अंचल के राजस्व अधिकारी से यहां एयरपोर्ट पर जमीन की उपलब्धता के संबंध में जानकारी ली.

सदस्यों को बताया गया कि रक्सौल हवाई अड्डा के विकास को लेकर भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (Airports Authority of India) की डिमांड के बाद राज्य सरकार की अनुमति से जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है. रक्सौल की हवाई पट्टी और यहां पर पहले से मौजूद इंफ्रास्ट्रक्चर को देख टीम लीडर अरविंद बडोनी ने कहा कि रक्सौल में भविष्य में फ्लाइंग इंस्टीट्यूट की स्थापना के साथ-साथ एयरो स्पोर्ट्स की भी संभावना है.

पैराग्लाइडिंग के साथ मिल सकेंगी ये भी सुविधाएं

अरविंद बडोनी ने यह भी कहा कि भविष्य में यहां एयरो स्पोर्ट्स रोमांचक हवाई गतिविधियां संचालित की जा सकती हैं. जिसमें पैराग्लाइडिंग, स्काईडाइविंग, पैरामोटरिंग और हॉट एयर बैलूनिंग जैसी गतिविधियां शामिल हो सकती हैं. रक्सौल को लेकर उनका कहना था कि यह भारत-नेपाल की सीमा पर स्थित शहर होने के कारण इन गतिविधियों के लिए दोनों देश के लोग आयेंगे, जिसका सीधा लाभ हमारे पड़ोसी राज्य नेपाल के नागरिकों को भी मिलेगा.

रक्सौल हवाई अड्डा का निरीक्षण करने के बाद टीम काफी संतुष्ट दिखी और यह भरोसा दिलाया कि रक्सौल बहुत जल्द देश के हवाई मैप पर होगा. यहां पर हवाई सेवा के साथ-साथ आधुनिक सुविधाओं के साथ संचालित फ्लाइंग इंस्टीट्यूट और एयरो स्पोर्ट्स की गतिविधियों का एक प्रमुख केंद्र बनेगा.

अलग-अलग हवाई पट्टी का किया गया निरीक्षण

रक्सौल में टीम की ओर से वाल्मिकीनगर और मुजफ्फरपुर एयरोफील्ड का भी निरीक्षण किया गया था. इसके बाद मधुबनी और सुपौल में भी संभावनाओं का अध्ययन किया जाना है. रक्सौल एयरपोर्ट को लेकर केंद्र और राज्य की सरकार काफी पॉजिटिव है. बीते दिनों उपराष्ट्रपति के मोतिहारी आगमन के दौरान भी उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंच से यह घोषणा की थी कि रक्सौल एयरपोर्ट के लिए जल्द टेंडर निकाला जाएगा.

फिलहाल, राज्य सरकार की निगरानी में रक्सौल हवाई अड्डा के लिए जमीन के अधिग्रहण का काम तेजी से चल रहा है. इसके जल्द पूरा होने की उम्मीद है. जमीन अधिग्रहण के बाद इसका तेजी से विस्तार किया जाएगा ताकि इसे कॉमर्शियल हवाई अड्डा बनाया जा सके. बिहार सरकार बड़े विमानों के लिए यहां रनवे का विस्तार करने के लिए लगभग 139 एकड़ जमीन अधिग्रहण पर 208 करोड़ रुपए खर्च कर रही है.

भारत सरकार ने रक्सौल हवाई अड्डे को उड़ान 5.2 योजना में शामिल किया है और कनेक्टिंग उड़ानों के लिए बोलियां ली जा चुकी हैं. पिछली योजनाओं में एक नया टर्मिनल बनाने के साथ-साथ मौजूदा हवाई पट्टी को 2,360 मीटर तक विस्तारित करना शामिल है, जिस पर काम चल रहा है. ऐसे में यहां अब फ्लाइंग इंस्टीट्यूट और एयरो स्पोर्ट्स जैसी गतिविधि होने से रक्सौल को इसका लाभ मिलेगा.

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Published by: Preeti Dayal

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