मोतिहारी : वाहन पर नियम विरुद्ध नेम प्लेट लगाया तो अब खैर नहीं. इसके लिए विभागीय नियमों के तहत देना होगा जुर्माना. कुंडवा चैनपुर पुलिस द्वारा जिला परिषद अध्यक्ष लिखी वाहन पकड़े जाने के बाद विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है. मामले को ले जिला परिवहन अधिकारी रवि कुमार ने सभी थानाध्यक्षों को अलर्ट करते […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
मोतिहारी : वाहन पर नियम विरुद्ध नेम प्लेट लगाया तो अब खैर नहीं. इसके लिए विभागीय नियमों के तहत देना होगा जुर्माना. कुंडवा चैनपुर पुलिस द्वारा जिला परिषद अध्यक्ष लिखी वाहन पकड़े जाने के बाद विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है. मामले को ले जिला परिवहन अधिकारी रवि कुमार ने सभी थानाध्यक्षों को अलर्ट करते हुए वाहन जांच का निर्देश दिया है.
जांच के दायरे में विभिन्न संगठनों के नेम प्लेट के अलावा प्रेस व पुलिस लिखे वाहन भी होंगे. यहां उल्लेख है कि पुलिस द्वारा जिला परिषद अध्यक्ष लिखे चार पहिया वाहन का अापराधिक इस्तेमाल हुआ था. अपराधी पुलिस को देख गाड़ी छोड़ भाग निकले थे.
जानकार बताते हैं कि कुछ दिन पहले उस पर लालबत्ती भी थी. विभाग इस बात को लेकर हैरत में है कि अध्यक्ष जिला परिषद तो लिखा है लेकिन जिला का उल्लेख न होना गाड़ी मालिक की गलत मंशा को उजागर करता है. विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पार्टी के राष्ट्रीय व अन्य वरीय पदधारक पदनाम प्लेट का इस्तेमाल कर सकते हैं.
लेकिन स्थानीय स्तर पर प्रकोष्ठों का, संगठनों का बोर्ड लगाना गलत है. जांच में यह देखा जायेगा कि जिस पद का बोर्ड लगा है वे वाहन में है या कोई गलत इस्तेमाल कर रहा है. अगर वाहन में है तो वाहन नाम पर है या भाड़े का है. इसकी जांच की जायेगी. प्रेस-पुलिस लिखने वाले स्वयं गाड़ी चला रहे हैं कि कोई दूसरा. प्रेस पुलिस का प्रमाण भी देना होगा. विभाग का कहना है कि इस जांच का उद्देश्य असामाजिक तत्वों को चिह्नित करना है. अगर गलत है तो जुर्माना वसूली के साथ वाहन जब्त किया जायेगा.
डीटीओ ने थानाध्यक्षों
को लिखा पत्र
जांच के साथ होगी जुर्माने की वसूली
प्रेस, पुलिस लिखे वाहन भी जांच के दायरे में
जिप अध्यक्ष व लिखे वाहन के गलत इस्तेमाल से विभाग अलर्ट
गलत नाम प्लेट लगानेवालों के खिलाफ विभागीय निर्देश भी है. इसको ले सभी थानाध्यक्षों व अन्य अधिकारियों को जांच व कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है.