एक सप्ताह में अवैध कब्जा खाली करने का आदेश
भूमि से अवैध कब्जा नहीं हटाने पर होगी कार्रवाई
न्यायालय में मामले का जनहित याचिका है दायर
मोतिहारी : शहर के वार्ड दो स्थित नहर का अतिक्रमण कर मकान बना लिया गया है. अतिक्रमण के कारण लंबी एवं चौड़ी नहर सिमट कर नाला बन गयी है. अब स्थिति यह है कि नहर बनी नाला की उड़ाही के लिए भी माकूल जगह नहीं बची है. जगह के अभाव में नाला की उड़ाही कार्य प्रभावित है. जबकि वार्ड एक और दो के अधिकतर इलाकों का पानी इस नाला से होकर बहता है. ऐसे में अगर नाला की उड़ाही नहीं हो पायी तो फिर बरसात में वार्ड के कई मुहल्लों में जल-जमाव की समस्या गंभीर होने की संभावना है.
मानसून सिर पर है और समय भी कम है. ऐसे में शीघ्र ही अतिक्रमण को खाली कराये जाने की आवश्यक्ता है. ताकि नाला की उड़ाही करायी जा सके. इधर मामले में न्यायालय में दर्ज जनहित दायर याचिका के आलोक में कार्रवाई करते हुए नप प्रशासन ने नहर को अतिक्रमण मुक्त कराने का निर्देश दिया है. इस कड़ी में नप प्रशासन द्वारा नहर की विभागीय जांच करायी गयी. जांच में नहर अतिक्रमण का मामला सही पाया गया. जांच पदाधिकारी के रिपोट पर ईओ ने कार्रवाई करते हुए चिह्नित 22 अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किया है. नोटिस में एक सप्ताह के भीतर अवैध कब्जा खाली करने का आदेश कार्यपालक पदाधिकारी ने दिया है. वही अतिक्रमण खाली नहीं करने पर मामले में न्याय संगत कार्रवाई की बात कही है.
22 अतिक्रमणकारियों को नोटिस: अतिक्रमण मामले में तेलियापट्टी गांधी नगर रमना वार्ड दो निवासी लालपरी देवी, रामेश्वर चौरसिया, रामधारी प्रसाद, कृष्णा देवी, भूषण प्रसाद, शत्रुधन प्रसाद, मुरली साह, रामेश्वर साह, रामाधार प्रसाद गुप्ता, ललन प्रसाद, ओमप्रकाश प्रसाद, रीता गुप्ता, विश्वनाथ ठाकुर, राधिका देवी, सुरेश प्रसाद, विपिन बिहारी प्रसाद, मीरा देवी, कांति देवी व नकछेद टोला वार्ड दो निवासी रेखा कुमारी, जरीना खातून, शंभु सिकारिया को नोटिस भेजी गयी है.
न्यायालय में जनयाचिका दायर : नहर की भूमि अतिक्रमण मामले में न्यायालय में जन-याचिका दायर की गयी है.न्यायालय में अपीलीय वाद अधिवक्ता मुस्तकीम बनाम कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद मोतिहारी के बीच चल रहा है. वार्ड की जनहित समस्या को लेकर पिछले दिनों न्यायालय में मामला याचिका दायर हुई थी.
