राशि आवंटन के बाद भी नहीं बना भवन
पानी के लिए पंप व बोरिंग की है बड़ी समस्या
तालाब व चापाकल से टंकी में भरा जाता है पानी
अरेराज : अनुमंडल के विभिन्न प्रखंडों में आग बुझाने वाली अग्निशामक गाड़ी खुद पानी के लिए तरस रही हो तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि अगलगी के बाद उक्त गाड़ी की व्यवस्था से ग्रामीणों को कैसे लाभ पहुंचाया जा सकता है. अनुमंडल में अग्निशामक गाड़ी दो है, लेकिन ड्राइवर एक है. वही टंकी में पानी भरने के लिए बोरिंग की व्यवस्था नहीं है. पानी के लिए कर्मी गांव के तालाब या चापाकल का सहारा लेकर चापाकल से बाल्टी से टंकी में पानी भरते हैं.
कर्मियों की माने तो कई बार वरीय पदाधिकारी को पानी की व्यवस्था के लिए पत्र व मौखिक सूचना दी गयी. लेकिन आज तक कोई व्यवस्था नहीं की गयी. अग्निशामक अनुमंडल प्रभारी गुप्तेश्वर राय ने बताया कि बोरिंग व पंपसेट की व्यवस्था नहीं होने से आग बुझाने पर टंकी में पानी भरने के लिए ग्रामीणों का निहोरा करना पड़ता है. कर्मियों के द्वारा चापाकल से बाल्टी द्वारा पानी भरा जाता है, एक वर्ष से विभाग द्वारा अग्निशामक भवन बनाने के लिए राशि का आवंटन प्राप्त हुआ है. लेकिन अंचल कार्यालय द्वारा जमीन उपलब्ध नहीं कराने से भवन निर्माण नहीं हो रहा है. अगर भवन निर्माण हो जाता तो सभी व्यवस्था विभाग द्वारा एक ही कैंपस में हो जाती.
क्या कहते हैं अंचलाधिकारी: सीओ रघुनाथ तिवारी ने बताया कि अग्निशामक भवन के लिए जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की जा रही है. जल्द ही भवन के लिए जमीन उपलब्ध करा दी जायेगी.
