प्रतिदिन लौट रहे हैं 200 से अधिक मरीज
निजी जांच घरों का रुख कर रहे मरीज
मोतिहारी : किसी भी जांच के लिए केमिकल्स की उतनी ही आवश्यकता होती है जितनी की शरीर में खून की. सदर अस्पताल में पिछले दो माह से केमिकल्स के अभाव में जांच कार्य प्रभावित हो रहा है. इससे मरीजों को काफी दिक्कत हो रही है़ एक तो बीमारी की जांच के लिए मरीज को अस्पताल से बाहर ले जाना पड़ता है, साथ ही अलग-अलग जांच के लिए पैसा भी ज्यादा देना पड़ता है़
बताते चलें कि लेबोरेटरी विभाग ने केमिकल आपूर्ति के लिए विभाग के आलाधिकारियों को पत्र लिखा है. लेकिन फलाफल सिफर निकला. नतीजतन प्रत्येक दिन 50-60 मरीज जांचों के लिए बाहर का रुख कर रहे हैं. जहां प्राइवेट जांच घर इन मरीजों का शोषण कर रहे हैं. हाल ही में नेशनल क्वालिटी एसेसमेंट की टीम ने मोतिहारी सदर अस्पताल को बेहतर कार्य के लिए 74 प्रतिशत अंक प्रदान किया है. यदि टीम अस्पताल की अंदरूनी हालात को देखती हो शायद यह अंक उन्हें प्रदान नहीं किया जाता.
प्रत्येक दिन दो से ढाई सौ मरीज जांच के लिए आते है अस्पताल
सदर अस्पताल में प्रत्येक दिन दो से ढाई सौ मरीज विभिन्न जांचों के लिए आते हैं. लेकिन 50-60 वैसे मरीज इन जांचों के लिए आते हैं. लेकिन यहां आने के बाद उनकी यह जांच नहीं हो पाती है तो वह बाहर की जांच घरों में इसकी जांच कराते हैं.
क्या कहते हैं मरीज
कोटवा थाना के बंगरा गांव निवासी विनोद कुमार पांडेय का कहना है कि किडनी की जांच कराने सदर अस्पताल आये थे. लेकिन यहां दो माह से जांच नहीं हो पा रही है. प्राइवेट जांच घर में जाकर जांच करानी पड़ी. कल्याणपुर के बैरागी टोला निवासी रामनरेश सिंह का कहना है कि टायफायड की जांच कराने आया था लेकिन जांच नहीं हो पा रहा है. अब बाहर जा रहे है. वहीं उपेंद्र कुमार सिसवा कोडर थाना पहाड़पुर का कहना है कि सुगर, किटनीन तथा कॉलेस्ट्राॅल की जांच कराने आये थे लेकिन केमिकल्स के अभाव में अब बाहर जांच कराना पड़ रहा है़
11 जांच प्रभावित
सदर अस्पताल में पिछले दो माह से हेपेटाइटिस बी, एसजीपीटी, लीवर, एसजीओटी, यूरिन, किडनीन यूरिक एसिड, कॉलस्टॉल तथा खून में इंफेक्शन होनेवाली जांच भीडीआरएल तथा टायफायड आदि प्रभावित है़
