पकड़ीदयाल : केंद्र सरकार फरवरी में आम बजट व रेल बजट पेश करेगी. समाज के सभी वर्गों के साथ किसानों की नजर भी बजट पर टिकी है. केंद्र सरकार किसानों को क्या देती है इस पर चर्चा हो रही है. प्रभात खबर सोमवार को किसानों से आगामी बजट को ले परिचर्चा की. किसानों ने कहा कि सरकार कृषि उत्पादों का उचित मूल्य निर्धारित करें. हर महीने डीजल का दाम बढ़ रहा है, जिससे जुतायी महंगी हो रही है. उस अनुपात में कृषि उत्पाद का दाम नहीं बढ़ता है. रासायनिक खाद का दाम बढ़ रहा है, नहरों में पानी नहीं है, नलकूप बंद पड़े हैं. ऐसे में खेतीबाड़ी कैसे हो. ऊपर से मौसम की मार किसानों की कमर तोड़ देती है.
कम ब्याज पर मिले कृषि ऋण
पकड़ीदयाल : केंद्र सरकार फरवरी में आम बजट व रेल बजट पेश करेगी. समाज के सभी वर्गों के साथ किसानों की नजर भी बजट पर टिकी है. केंद्र सरकार किसानों को क्या देती है इस पर चर्चा हो रही है. प्रभात खबर सोमवार को किसानों से आगामी बजट को ले परिचर्चा की. किसानों ने कहा […]

कृषि बीमा सफेद हाथी बन गया है. इन समस्याओं से किसान बेदम हो गए हैं. किसानों की हालात सुधारने के लिए बजट में ऐसी व्यवस्था हो कि कृषि उत्पादों का दाम महंगाई के अनुरूप होने चाहिए. इसकी मासिक समीक्षा हो. कृषि उत्पाद के दाम तय करने में उसकी भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए. किसानों को वास्तविक रूप से सस्ता ऋण देने की सुविधा हो. खाद व बीज पर सब्सिडी मिले. पटवन की सुविधा मिलनी चाहिए. किसान श्री ललन शुक्ला ने कहा कि किसानों को उनके उत्पाद का उचित दाम नहीं मिलता है. डीजल के दाम बढ़ने से जुताई महंगी हो गई है.फसल बीमा की राशि भी देर से मिलती है. किसान शिवदर्शन शर्मा ने कहा कि हर खेत को पानी मिले. बिजली की सुविधा मिलनी चाहिए. किसानों के सही ऋण माफ़ होनी चाहिए. सत्येन्द्र कुमार ने कहा कि बंद पड़े नलकूप चालू हो. खाद बीज में सब्सिडी मिले. लागत के अनुपात में उपज का दाम मिलना चाहिए. भुवनेश्वर कुमार ने कहा कि किसानों को नीलगाय व जंगली सूअर से छुटकारा मिले. सरकारी योजनाओं से भ्रष्टाचार हटनी चाहिए. नीलगाय व जंगली सूअर से क्षति के एवज में मुआवजा मिलनी चाहिए.
िकसान बोले
कृषि उत्पादों का दाम महंगाई के अनुरूप
होना चाहिए
दाम तय करने में हो उनकी भागीदारी
खाद व बीज पर भी
मिले सब्सिडी