गिरफ्तारी से बाद से रटी-रटायी बाते बोल रहे तीनों

मोतिहारी : भारत-नेपाल के सीमावर्ती रक्सौल व आदापुर से गिरफ्तार तीन आइएसआइ एजेंटों से पूछताछ करने गुजरात व मध्य प्रदेश की एटीएस टीम रविवार को मोतिहारी पहुंची. पुलिस लाइन स्थित एक क्वाटर में तीनों से आज पांचवें दिन भी सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों ने पूछताछ की. इस दौरान कोई नयी बात क्षण कर सामने नहीं […]

मोतिहारी : भारत-नेपाल के सीमावर्ती रक्सौल व आदापुर से गिरफ्तार तीन आइएसआइ एजेंटों से पूछताछ करने गुजरात व मध्य प्रदेश की एटीएस टीम रविवार को मोतिहारी पहुंची. पुलिस लाइन स्थित एक क्वाटर में तीनों से आज पांचवें दिन भी सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों ने पूछताछ की. इस दौरान कोई नयी बात क्षण कर सामने नहीं आयी है.

गिरफ्तार मोती पासवान, उमाशंकर पटेल व मुकेश कुमार सुरक्षा एजेंसियों को वही रटी-रटायी बाते बता रहे है. मोती पासवान कानपुर रेल हादसा में अपनी संलिप्तता स्वीकार रहा है, जबकि उमाशंकर पटेल का कहना है कि घोड़ासहन में रेलवे ट्रैक पर आइइडी लगाने में उसका हाथ था, लेकिन कानपुर रेल हादसा से उसका कोई ताल्लुकात नहीं है. उसने कानपुर जाने से इंकार कर दिया था.

वहीं मुकेश कुमार से सुरक्षा एजेंसियों को कोई खास जानकारी नहीं मिल पा रही है. वह लगातार अपना बयान बदल रहा है. इधर गिरफ्तार ब्रजकिशोर से पूछताछ करने नेपाल गयी सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी वापस नहीं लौटे है. ब्रजकिशोर से कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की संभावना है. यहां बताते चले कि आदापुर से लापता दीपक राम व अरूण राम की हत्या के संबंध में आदापुर पुलिस ने उक्त तीनों को गिरफ्तार किया था,जबकि ब्रजकिशोर सहित तीन अन्य लोग की गिरफ्तारी नेपाल में हुई. इनकी गिरफ्तारी के बाद न सिर्फ दीपक व अरूण की हत्या का खुलासा हुआ, बल्कि घोड़ासहन में रेलवे ट्रैक पर आइइडी लगाने व कानपुर में रेल हादसा की परत दर परत सच्चाई सामने आती चली गयी. उसके बाद से ही देश की तमाम सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों का मोतिहारी में आना-जाना लगा हुआ है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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