मानव शृंखला. छोटी साबित हुईं सडकें
जिलेवासियों ने मानव शृंखला में दर्ज करायी उपस्थिति
मोतिहारी : नशा के खिलाफ शनिवार को बनी मानव शृंखला एक नई इतिहास बना दी और करीब 20 लाख लोग इसके गवाह बने.जनता की उत्साह व उपस्थति के सामने सभी सडकें छोटी साबित हुई.चारों तरफ एक जैसा माहौल था और बच्चे,बुढे,जवान व महिलाएं सडकों पर एक साथ खडे थे.उनके चेहरे की मुस्कूराहत बहुत कुछ बयान कर रही थी. प्रशासन द्वारा तैयार सभी रूटों पर आवश्यकता से अधिक लोग निर्धारित समय पर पहुंच गये थे और नशामुक्ति समाज की स्थापना के लिए अपनी गवाही दे रहे थे.
गांधी चौक,छतौनी चौक,मेन रोड,ढाका रोड,एनएच-28 सहित सभी रूटों पर जनता के साथ-साथ सरकारी व गैर सरकारी शिक्षण संस्थानों,स्वयं सेवी संगठनों तथा सरकारी व गैर सरकारी कार्यालयों के अधिकारी,विभिन्न दलों के नेता शृंखला में लगे थे.इस दौरान जिलाधिकारी अनुपम कुमार,पुलिस कप्तान जितेन्द्र राणा,उपविकास आयुक्त सुनील कुमार यादव,अपर समाहर्ता अरशद अली,वरीय उप समाहर्ता महमुद आलम सहित सभी विभागों के अधिकारी व कर्मचारी अपने-अपने निर्धारित समय पर मुस्तैद थे और वस्तु-स्थति पर नजर रखे हुए थे.पूरे गतिविधियों की फोटोग्राफी ड्रोन से की जाती रही और जनता की भागीदारी को कैमरे में कैद किया जाता रहा.
फिर बन गया इतिहास : डीएम
अहिंसा आंदोलन की सफल प्रयोग स्थली चंपारण(मोतिहारी) ने शराब बंदी के पक्ष ऐतिहासिक मानव शृंखला बना फिर नया इतिहास बनाया है. मानव शृंखला समाप्ति के बाद शहर के छतौनी में डीएम अनुपम कुमार ने कहा कि गांधी जी ने नशा पान मुक्ति का भी सपना देखा था, जिसे यहां के लोगों ने चरितार्थ किया है. बिहार के दूसरे बड़े 446 किमी मानव शृंखला में 10 लाख की जगह 20 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया. कहीं-कहीं तो एक ही जगह तीन या चार पंक्तियों में मानव शृंखला बनायी गयी थी, जो लोगों के उत्साह को दर्शाता है. इसमें सरकारी, गैर सरकारी प्रतिष्ठान, शिक्षण संस्थान, राजनीतिक दलो, पत्रकारों, महिलाओं व गांव वालों का भी भरपूर सहयोग मिला.
