मोतिहारी : नगर व ओडिशा पुलिस ने शहर के श्रीकृष्ण नगर में साइबर फ्रॉड गिरोह के बदमाश अंकित राज की खोज में छापेमारी की. इस दौरान पुलिस को विशेष सफलता नहीं मिली. अंकित राज घर से फरार मिला. बताया जाता है कि उड़ीसा के सदर थाना क्षेत्र की रहने वाली नेहारिका वेन्या नामक एक छात्रा […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
मोतिहारी : नगर व ओडिशा पुलिस ने शहर के श्रीकृष्ण नगर में साइबर फ्रॉड गिरोह के बदमाश अंकित राज की खोज में छापेमारी की. इस दौरान पुलिस को विशेष सफलता नहीं मिली. अंकित राज घर से फरार मिला. बताया जाता है कि उड़ीसा के सदर थाना क्षेत्र की रहने वाली नेहारिका वेन्या नामक एक छात्रा के खाता से 10 हजार रुपये साइबर फ्रॉडों ने निकाल लिया. इसको लेकर उड़ीसा सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज है. उड़ीसा सदर थाना के सब इंस्पेक्टर नटवरनंदा ने बताया कि अनुसंधान में पता चला है कि नेहारिका वेन्या के खाता से मोबाइल के जरिये अंकित राज के मोतिहारी एडीबी बैंक खाता में 10 हजार कैश ट्रांसफर किया गया है.
जिस मोबाइल से उसके खाता में कैश भेजा गया है, वह मोबाइल नौवाडीह के मो शमीम का है. इस घटना में मो शमीम की खोजबीन भी की जा रही है. उन्होंने बताया कि अंकित राज के बैंक एकाउंट का डिटेल निकालने पर पता चला है कि उसके एडीबी बैंक एकाउंट में करीब 25 से 30 लोगों के एकाउंट से लाखों रुपये ट्रांसफर हुए है.सारा पैसा मो शमीम के मोबाइल से ही उसके खाता में ट्रांफसर हुआ है.इससे साबित हो रहा है कि अंकित राज व मो शमीम साइबर फ्रॉड गिरोह के सक्रिय मेम्बर है. छापेमारी में नाका तीन के प्रभारी रविशंकर कुमार, धर्मजीत महतो व उड़ीसा कोटापुर के सदर थाना के सब इंस्पेक्टर नटवरनंदा शामिल थे.
गिरिडीह का रंधीर वर्मा है गिरोह का मास्टर माइंड : साइबर फ्रॉड गिरोह का मास्टर माइंड गिरिडीह का रंधीर वर्मा है. बताया जाता है कि ओडिशा की छात्रा नेहारिका वेन्या के मोबाइल पर फोन कर कहा गया कि आपका एटीएम बंद होने वाला है, एटीएम चालू रखने के लिए आपको नंबर बताना होगा. नंबर पूछने के बाद उसके खाता से 10 हजार कैश मोतिहारी के अंकित राज के बैंक एकाउंट में ट्रांसफर कर दिया गया. उड़ीसा पुलिस के सब इंस्पेक्टर नटवरनंदा ने बताया कि जिस मोबाइल नंबर से नेहारिका वेन्या के पास फोन आया था, उसका डिटेल निकाला गया तो वह नंबर गिरिडीह के रंधीर वर्मा का निकला है.
कमीशन पर बैंक एकाउंट का होता है इस्तेमाल : पुलिस के अनुसार, साइबर फ्रॉड गिरोह का नेटवक काफी बड़ा है. इस गिरोह के सदस्य कमीशन पर काम करते है. 20 प्रतिशत कमीशन पर अपने एकाउंट में पैसा ट्रांसफर करवाते है. मो शमीम व अंकित राज जैसे सैकड़ों युवक इस गिरोह से जुड़ कर अपना एकाउंट साइबर फ्रॉड के लिए इस्तेमाल करते हैं.
पुलिस अब अंकित राज के बैंक एकाउंट को फ्रीज करने के मूड में है. उड़ीसा पुलिस के सब इंस्पेक्टर नटवरनंदा ने बताया कि उसके बैंक एकाउंट को फ्रीज करने के लिए बैंक में आवेदन दिया जायेगा.