उत्तर बिहार के सभी जिले में हाइ अलर्ट, त्वरित कार्रवाई के लिए क्विक एक्शन टीम का गठन
मोतिहारी : इंडो-नेपाल बोर्डर से सटे उत्तर बिहार में वर्ड फ्लू का खतरा है.पड़ोसी देश नेपाल से आनेवाली प्रवासी पक्षियों से यह इलाका सेफ नहीं है. सीमाई जिला में वायरल जैसी खतरनाक बीमारियां कभी भी पांव फैला सकती है. ऐसी आशंका के मद्देनजर सभी जिला को अलर्ट किया गया है. विभागीय निर्देश में सीमाई जिला को विशेष चौकसी बरतने के निर्देश दिये गये है. इधर अलर्ट के बाद पूर्वी चम्पारण में जिला पशुपालन विभाग की ओर से क्विक एक्शन टीम गठित की गयी है.वही सीमाई प्रखंड रक्सौल,आदापुर,छौड़ादानों,
बनकटवा,घोड़ासहन एवं सिकरहना को अलर्ट किया गया है. वर्ड फ्लु वायरल की जानकारी के लिए सीमाई प्रखंडों मे चल रहे पोल्ट्री फार्म के मूर्गीयों का सीरम सैपल का नमूना संग्रह कर जांच के लिए पटना भेजा जा रहा है.इसकी जानकारी देते जिला पशुलापन पदाधिकारी अभ्यानंद सिंह ने बताया कि प्रत्येक माह जांच के लिए सीरम व स्वाब का सैम्पल जांच के लिए पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान(एलआरएस) पटना भेजने की बनायी गयी कार्य-योजना के तहत सभी प्रखंडों से प्राप्त कर भेजा जा रहा है.
इसमें सीमाई प्रखंडों को ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है. वही संबंधित सीमाई प्रखंडों में अलग-अलग क्विक एक्शन टीम का गठन किया गया है. संबंधित प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी को वोलेंटियर के संपर्क में रहने एवं जानकारी मिलने पर तवरित कार्रवाई करने के निर्देश दिये गये है
वही सूचना पर संबंधित जगह क्विक एक्शन टीम के साथ पहँूच प्रथम दृष्ट्या जांच-पड़ताल करने एवं इसकी जानकारी जिला हेड क्वार्टर को देने की बात कही गयी है.
