बैंक के कैश क्रेडिट भी जांच के घेरे में
चालू व बचत खाते की भी हो सकती है जांच
वर्तमान बिक्री की तुलना पिछले वर्ष की बिक्री से होगी
मोतिहारी : 500 व 1000 के नोट चलन पर रोक के बाद बाजारों में हुई खरीद-बिक्री व बैंक जमा पर आयकर विभाग की नजर है.आठ नवंबर के बाद विशेषकर स्वर्ण दुकानों में किस दुकान से कितनी बिक्री हुई, खरीददार लोग कौन थे? क्या गत वर्ष इस अवधि में वर्तमान अवधि की तरह बिक्री हुई आदि बिन्दुओं पर आयकर विभाग जांच में जुट गयी है.
विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, स्वर्ण विक्रेता और विक्रेता के रसीद की भी जांच की जायेगी कि क्या खरीददार क्षमता व आवश्यकता के अनुसार, स्वर्ण आभूषण, सिक्का, बिस्कुट, चांदी आदि की खरीददारी की है. इसको ले दुकानदारों से विक्रय रसीद लेकर जांच की जायेगी.
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बैंकों पर भी आयकर की नजर : बड़े रुपये के परिचालन पर रोक के बाद कैश क्रेडिट खाता में जमा अनुपात क्या है? पहले क्या था? क्या किसी बैंक ने आठ नवंबर के बाद किसी को कैश क्रेडिट कर पुराना नोट भी जमा कराया है? इसके अलावा चालू खाता, सेल डिपोजिट, बचत खाता आदि की जांच की जाएगी. जनधन योजना के तहत खुले खाते में अगर 50 हजार से अधिक डिपोजिट होता है तो विभाग उसकी जांच कर सकती है. सूत्रों के अनुसार, अन्य दुकानों पर भी विभाग की नजर है.
