सरकारी दावा फेल, सिर्फ दो बैंकों में ही बदले गये नोट

घूमते रहे लोग. बैंक में नहीं थे 100 के नोट, एक-दो दिन में खत्म होगी समस्या केनरा बैंक में सुबह से बदले जा रहे थे नोट, एसबीआइ में डेढ़ बजे से शुरू हुई नोट बदलने की प्रक्रिया बैंकों व पोस्ट ऑफिस की शाखाओं में लगी रही लंबी कतार रक्सौल : सरकार ने पांच सौ व […]

घूमते रहे लोग. बैंक में नहीं थे 100 के नोट, एक-दो दिन में खत्म होगी समस्या

केनरा बैंक में सुबह से बदले जा रहे थे नोट, एसबीआइ में डेढ़ बजे से शुरू हुई नोट बदलने की प्रक्रिया
बैंकों व पोस्ट ऑफिस की शाखाओं में लगी रही लंबी कतार
रक्सौल : सरकार ने पांच सौ व एक हजार के नोट पर पाबंदी के साथ ही घोषणा की थी कि गुरुवार से सभी बैंक शाखाओं में व पोस्ट ऑफिस में नोट बदलने की प्रक्रिया शुरू हो जायेगी. लोगों को चार हजार तक के नोट आधार कार्ड, वोटर आइडीकार्ड, राशन कार्ड की कॉपी पर बदले जायेंगे और जिनके पास खाता है उनके खाता से एक दिन में दस हजार तक की निकासी की जा सकेगी. लेकिन सरकार का यह दावा पूरी तरह से धराशायी हो गया और शहर के एक मात्र केनरा बैंक की शाखा को छोड़कर कहीं भी नोट नहीं बदले जा रहे थे या उनके खाता से रुपये की निकासी हो रही थी. एसबीआइ के शाखा से लोगों को पैसा देने का काम देर से शुरू हुआ है
और लगभग 1:30 बजे मोतिहारी से कैश आने के बाद वितरण की प्रक्रिया शुरू की गयी. जबकि अन्य बैंकों शाखाओं से एक भी ग्राहक का नोट नहीं बदला गया. इस संबंध में पूछे जाने पर बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक ने बताया कि उनके पास सौ का नोट नहीं है और शुक्रवार से नोट बदलने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी. जबकि रक्सौल पोस्ट ऑफिस के डाक निरीक्षक रामकिशोर प्रसाद ने कहा कि डाकघर में सौ का नोट नहीं है. जिस कारण से लोगों का नोट नही बदला जा रहा है.
प्रक्रिया सामान्य होने में दो से तीन दिन लगेगा और सौ का नोट आने के बाद लोगों के नोट बदले जायेंगे. फिलहाल जो भी लोग अपने खाता में 500 या 1000 का नोट जमा करने आ रहे है सम्मान उनका नोट जमा किया जा रहा है. यही हाल शहर के इलाहाबाद बैंक शाखा का था. इलाहाबाद बैंक में भी लोगों की भीड़ लगी थी. लोग बड़े नोट जमा कर रहे थे.
लेकिन बदले में उन्हें सौ, 50 का नोट नहीं मिल रहा था. शाखा प्रबंधक का कहना था कि शाखा में नोट नहीं है और सौ का नोट आने के बाद ही नोट बदले जायेंगे. कुल मिलाकर शहर के सभी बैंक शाखाओं का यही हाल था. जहां लोग पैसा तो जमा कर रहे थे लेकिन बदले में सौ के नोट नहीं मिल रहे थे.
रामगढ़वा सरकार द्वारा 500 एवं 1000 रुपये के नोट का प्रचलन बंद करने के कारण बाजार में काफी उदासी दिखाई दे रही है. वहीं इस निर्णय के बाद प्रथम दिन बैंक खुलते ही 500 एवं 1000 रुपये के नोटों को एक्सचेंज करने व जमा कराने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. गांव देहात से लेकर चारों तरफ सिर्फ और सिर्फ इसी बात की चर्चा करते लोगों को सुना जा रहा है. राशि एक्सचेंज करने व जमा कराने वालों की सर्वाधिक भीड़ स्टेट बैंक की शाखा में देखने को मिली. जबकि सभी बैंकों की शाखाओं में भी काफी भीड़ थी. इस निर्णय के बाद अन्य दिनों की अपेक्षा कई गुणा अधिक राशि जमा करायी जायेगी.
वहीं खातों से निकासी प्रति ग्राहक दस हजार रुपये की दर की गयी तथा अधिकतम चार हजार रुपये बदलें गए इसके लिए लोगों से आधार कार्ड, पैन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र में से किसी एक की छाया प्रति भी ली गयी. बड़े नोटों का प्रचलन बंद करने के निर्णय का असर बाजार पर काफी दिखाई दें रहा है. दुकानदार अपनी दुकानों पर बैठे रहे पर खरीदारी करने वाले नदारद है. प्रशासन के द्वारा सभी बैंकों की शाखाओं पर किसी प्रकार का हंगामा नहीं हो. इसके लिए पुलिस बल की व्यवस्था की गयी थी.

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