जेल जाने के साथ ही न्यायालय ने दाखिल किया मुकदमा
मोतिहारी : न्यायालय के साथ धोखा करना महंगा पड़ा आरोपित को. इस मामले को न्यायालय ने गंभीरता से लेते हुए धोखेबाज को जेल भेज दिया है तथा धोखेबाज आरोपित के विरुद्ध धोखाधड़ी का मुकदमा दाखिल करने का आदेश दिया है. न्यायाधीश के आदेश के आलोक में गुरुवार को कार्यालय लिपिक निकेश कुमार ने सीजेएम के न्यायालय में परिवाद पत्र दाखिल किया है. दाखिल परिवार पत्र को सीजेएम उमाकांत यादव ने संज्ञान ले लिया है
तथा विचारन के लिए एसीजेएम अष्टम के न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया है. विदित हो कि पष्टम अवर न्यायाधीश कमलेश चंद्र मिश्रा के न्यायालय में पूर्व से लंबित जीआर नंबर 1530/02 के आरोपित सुगौली थाना के बहुरूपिया निवासी शहनवाज आलम के जगह पर उसका भाई आरीफ आलम अपने को शहनवाज आलम बताकर न्यायालय में आत्म समर्पण 24 अक्तूबर को किया.
न्यायालय ने आरोपित को जेल भेज दिया. पुन: दूसरे दिन उक्त फर्जी व्यक्ति शहनवाज के जगह पर नाम देकर न्यायालय में जमानत आवेदन दाखिल किया. वाद के सूचक ने फर्जी व्यक्ति कहकर विरोध किया.
न्यायालय ने इसकी जांच स्थानीय थाना को दिया. थानाध्यक्ष सुगौली ने जांच प्रतिवेदन दाखिल किया तथा नामित अभियुक्त शहनवाज आलम को तीन वर्षो से विदेश अरब चले जाने की बात कहीं. प्रतिवेदन के आधार पर न्यायाधीश ने आरोपित के विरुद्ध धरा 419, 467, 468 व 471 भदवि के अंतर्गत परिवाद पत्र संख्या 37/16 दाखिल किया है.
