रोष. लंबित समस्याओं के समाधान को गोलबंदी
मांगों के समर्थन में बेमियादी हड़ताल की चेतावनी
कर्मचारियों ने की कार्रवाई की मांग
मोतिहारी : कर्मचारियों की लंबित समस्याओं व संचार व्यवस्था के सुचारू संचालन नहीं होने को लेकर एफएनटीओ तथा एनएफटीइ यूनियन के कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन का निर्णय लिया है. यह जानकारी यूनियन के सचिव ने जिला दूरसंचार प्रबंधक को एक पत्र के माध्यम से दी है. उन्होंने उक्त पत्र की प्रतिलिपि दूरसंचार के मुख्य महाप्रबंधक बिहार प्रमंडल पटना, श्रवण कुमार दूबे, प्रमंडलीय सचिव पटना, रामेश्वर प्रसाद सिन्हा, प्रमंडलीय सचिव एफएनटीओ पटना, चंद्रेश्वर सिंह, महामंत्री नई दिल्ली तथा जिलाधिकारी को दी है.
तथा आवश्यक कार्रवाई की मांग की है. संघ द्वारा दो मई 2016 को इस संबंध में धरना का भी आयोजन किया गया, परंतु अभी तक समस्या जस की तस बनी है. लगभग चार महीनों से दूरसंचार सेवा बंद है, जिसके चलते अधिकतर उपभोक्ता सेवा बंद कराने को मजबूर है, बारा चकिया, मेहसी, कल्याणपुर, हुसैनी, हरसिद्धि, बतरौलिया, लखौरा, दरियापुर तथा रक्सौल में उनके दूरभाष केंद्र बंद हैं.
अनेक जगहों पर कर्मचारियों की पदस्थापना नहीं है, नेशनल फेडरेशन टेलीकम इम्पलाइज यूनियन के जिला सचिव राजेश कुमार चौबे तथा फेडेरेशन नेशनल टेलीकॉम ऑर्गेनाइजेशन के जिला सचिव शंभु सिंह ने कहा है कि टीडीएम मोहमद शहकर बारी की अदूरदर्शी सोच के चलते विभाग दिन-प्रतिदिन चौपट हो रहा है.
टीडीएम ने रद किया टेंडर : बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था किये टीडीएम ने मजदूरों का टेंडर रद कर दिया. इसके कारण जिले की संचार व्यवस्था बिल्कुल चरमरा गयी है. मात्र चार-पांच मजदूरों के सहारे विभाग कछुआ गति से चल रहा है, जिसको लेकर उपभोक्ता परेशान हैं, तथा आंदोलन की फिराक में है.
विभागीय प्रतिबंध के बावजूद किया गया स्थानांतरण : भेदभाव पूर्ण संघीय भावना से प्रेरित होकर वर्तमान में स्थानांतरण पर प्रतिबंध के बावजूद जुलाई में सहायक तकनीशियनों का तबादला कर दिया गया. यह प्रबंधन की विफलता का परिचायक है.
पंजी में मात्र दर्ज होती शिकायत: नियंत्रण कक्ष में चार कर्मचारियों को उपस्थिति तथा शिकायत दर्ज करने के लिए रखा गया है.
जिससे आम उपभोक्ताओं को कोई लाभ नहीं है. शिकायत पंजी में ही रह जाती है तथा समस्या लगातार बनी रहती है.
नहीं मिली अब तक डायरी : विभागीय कर्मचारियों को जनवरी माह में डायरी तौलिया, साबुन, ग्लास, पेन सहित अन्य सामग्री मिलने वाली थी, जो आज तक कर्मचारियों को नसीब नहीं हो सकी. इसको लेकर कर्मचारी काफी गुस्से में है. सेवानिवृत्त कर्मचारियों का चिकित्सा भत्ता भी अक्टूबर 2015 से लंबित है.
वाइन का किया जाता है दुरुपयोग : दूरसंचार मंडल अभियंता के स्थानांतरण के बावजूद विभागीय वाहन का दुरुपयोग किया जा रहा है. उपमंडल अभियंता के अधीन चार से पांच वाहन का संचालन होता है, जे नियम के विरुद्ध है. स्वयं दूरसंचार प्रबंधक विभागीय गाड़ी का दुरुपयोग करते है.
महंगे कीमत पर बेचा जा रहा सिम : उपभोक्ताओं को 100 से 150 रुपये में सिम बेचा जा रहा है. इस पर तत्काल रोक लगायी जाये साथ ही स्थायी कर्मचारियों की पदस्थापना की जाय ताकि कर्मचारी तथा अपभोक्ताओं के बीच की दूरी समाप्त हो.
होगा आंदोलन : यदि सभी समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो आंदोलन तथा धरना प्रदर्शन किया जायेगा. जिसकी सारी जवाबदेही विभागीय प्रबंधन की होगी.
