नेपाली उद्योगपति अपहरणकांड. गिरफ्तार रंजन ओझा ने पूछताछ में किये कई खुलासे
मोतिहारी : नेपाल के उद्योगपति सुरेश केडिया अपहरण कांड में गिरफ्तार रंजन ओझा पेशे से कातिब है. उसने जमीनी विवाद में रक्सौल के मनोज सिंह से बदला देने के लिए अपराध जगत में कदम रखा. इसके लिए उसने कुख्यात बबलू दूबे से संपर्क किया, उसके बाद मनोज सिंह पर गोली चलवायी. मनोज सिंह पर फायरिंग में उस पर रक्सौल व बंजरिया थाना में मुकदमा दर्ज हुआ. उसके बाद से वह पुलिस के डर से फरार रहने लगा.
अपराध के दलदल में कदम रखने के बाद कुख्यात बबलू दूबे से उसकी नजदीकी बढ़ गयी. वह बबलू की गिरफ्त में इस कदर फंस गया कि समय-समय पर उसके पास पैसा पहुंचाने लगा. आपराधिक मुकदमा व बबलू के डिमांड को पूरा करने में उसकी आर्थिक स्थित चरमरा गयी.
इस दौरान कुख्यात बबलू के कारण उसकी पहचान बबलू पासवान नामक युवक से हुआ. बबलू पासवान से नेपाल के एक बड़े उद्योगपति के अपहरण का षड्यंत्र रचा. उसके बहकावे में आकर करोड़ों की लालच में केडिया अपहरण कांड में शामिल हो गया.
इस बात का खुलासा रंजन ओझा ने पुलिस के समक्ष किया है. उसने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए बताया है कि दोस्त धुरेंद्र कुमार की स्कार्पियो गाड़ी धोखा से मांग कर केडिया के अपहरण में इस्तेमाल किया. उसने पुलिस को बताया है कि केडिया के अपहरण में बबलू दूबे के अलावे बिहार व नेपाल के कई बड़े अपराधी शामिल थे.
ग्रामीणों ने पत्थर मार तोड़ा था गाड़ी का शीशा
केडिया को नेपाल से हथियार के बल पर अगवा कर स्कार्पियो से भाग रहे अपराधियों को ग्रामीणों ने घेरने का प्रयास किया था. ग्रामीणों ने स्कार्पियो पर ईंट-पत्थर भी फेंके, जिसमें गाड़ी का पिछला शीशा टूट गया. गाड़ी की मरम्मती कराने व छुपाने के लिए रंजन ने छतौनी स्थित उजाला वर्क शॉप में लगा दिया. वहीं पर पुलिस ने उसको दबोच लिया.
एक भाई इंजीनियर तो दूसरा है वकील
रंजन ओझा पलनवा थाना के लक्ष्मीपुर लक्ष्मनवा गांव का मूल निवासी है. वह तीन भाई व एक बहन है. एक भाई अरुण कुमार ओझा पेशे से वकील हैं, जबकि दूसरा जैनेश कुमार मंगलम इंजीनियर है. उसके पिता मुक्तिनाथ झा का निधन हो चुका है. रंजन इंटर तक पढ़ा है. उसने वर्ष 2004 में एमएस कॉलेज से इंटर पास किया था.
रंजन ने की है दो शादियां
कातिब से अपराध जगत में कदम रखने वाले रंजन ओझा ने दो शादियां की हैं. उसकी पहली शादी पश्चिमी चंपारण के चनपटिया जगदौल निवासी बैद्यनाथ तिवारी की पुत्री आभा कुमारी के साथ हुई है, जबकि दूसरी शादी गोविंदगंज के सरेया पिपरा निवासी स्व प्रदीप मिश्रा की पुत्री पूजा मिश्रा के साथ हुई है.
बबलू दूबे को योजना में किया
गया शामिल
बबलू पासवान है शातिर दूबे का खास
बबलू पासवान शातिर बबलू दूबे का खास आदमी है. बाहर में रहकर बबलू दूबे के तमाम गलत कामों में सहयोग करता है. बबलू दुबे जेल में रहकर अपराध की प्लानिंग करता है, जबकि उसके प्लनिंग को बबलू अंजाम तक पहुंचाता है. एक तरह से कहे तो बबलू दुबे के अपराध का टोटल मैनेजमेंट बबलू पासवान ही करता है.
स्वचालित हथियार से लैस थे नेपाली अपराधी
केडिया के अपहरण में शामिल नेपाली अपराधी स्वचालित हथियार से लैस थे, जबकि बबलू दूबे ने जिन अपराधियों को भेजा था, उनके पास छोटे हथियार थे. केडिया को अगवा करने में बबलू पासवान के साथ नेपाल के छह व बबलू दूबे के तीन शागिर्द शामिल थे. सभी स्कार्पियो पर सवार होकर गये, जबकि रंजन स्कार्पियो देकर वापस रक्सौल चला आया. मोबाइल से पलपल की खबर लेता रहा.
नया नंबर लेने की सलाह
केडिया के अपहरण के लिए रंजन ने नया मोबाइल व सिमकार्ड खरीदा था. उसने पुलिस को बताया है कि अपहरण की साजिश रचने के बाद कुख्यात बबलू ने उसके पास फोन कर प्लानिंग से अवगत कराया. कहा कि एक नया मोबाइल व सिमकार्ड खरीद लो, उसी नंबर पर हम बात करेंगे.
