27 मई को लीची खिलाने के बहाने किया गया था अगवा
बंजरिया : थाना क्षेत्र के अजगरी से बीते 27 मई को अपहृत 10 वर्षीय बालक आदित्य के सकुशल वापसी पर पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है. मां बच्चे को लेकर सुबह से ही भगवान के अलग-अलग चौखटों पर माथा टेकती देखी गयी. अजगरी गांव के दिलीप सिंह कंंस्ट्रक्शन कंपनी में संवेदक का काम करते हैं. उनके दो पुत्र हैं. बड़ा बेटा गौरव कुमार जन्म से ही विकलांग है. शुक्रवार को बच्चा गांव में ही माई स्थान के पास गया और वहीं से गायब हो गया.
बच्चे की माने तो जब वह दूध लेने जा रहा था तभी गांव के ही भूलन चौधरी जो पहले से घर आते जाते थे रास्ते में मिले और बोला लीची खिलाकर लाता हूं. उसके साथ गांव का ही हरिओम सिंह भी था. आगे खड़वा चवर में जब पहुंचे तो वहां पहले से दो बाइक में दो अनजान लोग खड़े थे. जो मुझे गाड़ी पर बैठा कर जटवा रोड की ओर चलने लगे. मुझे पता नहीं चला कि मुझे ये लोग कहां ले जा रहे थे. दो रात मुझे अलग-अलग जगहों पर रखा गया. बच्चे के पिता दिलीप सिंह ने भूलन चौधरी व उसके दो पुत्र को काम दिया था. उसके पुत्र कन्हैया व श्याम लाल अभी भी उसके लिए काम करते हैं. भूलन हाल में ही काम से छुट्टी पर आया था.
