सिरिस्तेदार ने दाखिल किया मुकदमा
आरोपी ने फोटोग्राफर का कैमरा छीन, शोर मचाया
मोतिहारी : चौदहवी अवर मुख्य न्यायाधीश लक्ष्मीकांत मिश्र ने न्यायालय कार्य में बाधा डालने के एक मामले की सुनवायी करते हुए एक आरोपी को दोषी पाया है. तथा दो वर्षों की करावास सहित पंद्रह सौ रुपया जुर्माना भरने का आदेश दिया है. विदित हो कि 5 मार्च 2013 को सप्तम अवर न्यायाधीश देवराज त्रिपाठी के न्यायालय में लंबित बंटवारा मुकदमा 161/7 के वादी सीता देवी द्वारा दिये गये निशानों की फोटोग्राफी सिरिस्तेदार सुशील कुमार के द्वारा न्यायालय के आदेश से कराया जा रहा था कि नगर थाना के ठाकुरबाड़ी मुहल्ला निवासी अरूण कुमार गाली-ग्लौज करने लगे तथा फोटो ग्राफर का कैमरा छीन लिया. आरोपी द्वारा हल्ला-गुल्ला करने पर भगदड़ की स्थिति बन गयी. जिससे न्यायालय कार्य बाधित हो गया.
सिरिस्तेदार की सुशील द्वारा न्यायालय में आवेदन पत्र दिया गया, जिसके अाधार पर न्यायालय ने मामले का संज्ञान लेते हुए भादवि की धारा 186,188,323, 346,411 एवं 353 में वाद दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया गया. न्यायालय ने आरोपी के विरुद्ध आरोप गठित कर मामले की सुनवायी की गयी. अभियोजन पक्ष से एपीओ अवधेश प्रसाद ने गवाहों को प्रस्तुत करते हुए पक्ष रखा. दोनों पक्षों का दलिले सुनने के बाद न्यायालय ने उक्त फैसला सुनाया है.
