405 मॉडल तालाब का होगा निर्माण

पहल. जल संरक्षण व मत्स्य पालन के लिए लिया गया निर्णय मनरेगा योजना से जल संरक्षण कार्य को बढ़ावा देने के लिए प्रति पंचायत एक-एक तालाबों का चयन कर विकसित किया जायेगा ताकि गरमी के मौसम में भी तालाब से पानी नहीं सूख सके. मोतिहारी : जिले की सभी 405 पंचायतों से एक-एक तालाबों का […]

पहल. जल संरक्षण व मत्स्य पालन के लिए लिया गया निर्णय

मनरेगा योजना से जल संरक्षण कार्य को बढ़ावा देने के लिए प्रति पंचायत एक-एक तालाबों का चयन कर विकसित किया जायेगा ताकि गरमी के मौसम में भी तालाब से पानी नहीं सूख सके.
मोतिहारी : जिले की सभी 405 पंचायतों से एक-एक तालाबों का चयन कर जल संचय की दिशा में सकारात्मक कार्य किये जायेंगे, ताकि संरक्षित जल से भीषण गरमी के दिनों में आवश्यक कार्य किये जा सके.
इसे विकसित करने की योजना मनरेगा के तहत बनायी गयी है. विभाग का मानना है कि गरमी के दिनों में अधिकांश तालाब सूख जाते हैं, जिसके कारण आग लगने की स्थिति में पानी की समस्या के अलावे गांव के पशुओं के लिए पानी की समस्या उत्पन्न हो जाती है.
ऐसे में प्रति पंचायत अगर एक-एक तालाब विकसित कर दिये जायेंगे तो समस्या पर कुछ हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है विशेषकर पशुओं के लिए. इन तालाबों को मनरेगा योजना से विकसित किया जायेगा. चाहे तालाब निजी हो या सरकारी. इसके अलावे आंध्र प्रदेश की तर्ज पर इन तालाबों में मत्स्य पालन को भी बढ़ावा दिया जायेगा. खर्च के बाबत विभाग का कहना है कि तालाब के लिए जमीन की उपलब्धता, गहराई व चौड़ाई के आधार पर खर्च का निर्धारण किया जायेगा.
मॉडल तालाब से होंगे फायदे
प्रति पंचायत कम स कम एक-एक मॉडल तालाब बनाने से गरमी के समय आग लगने की स्थित में इसका फायदा मिलेगा. इसके अलावे पशुओं को गरमी में पानी की आवश्यकता होती है. जाे इधर उधर नहीं भटक कर संबंधित तालाब में जल संचय का लाभ उठा पायेंगे.
नहीं सूखेगा मॉडल तालाब का पानी
मॉडल तालाब का पानी नहीं सूखे इसके लिए बरसात के समय किसी अहर व पइन से जोड़ा जायेगा. इसके अलावे तालाब किनारे पंप सेट या सोलर पंप लगा पानी की कर्मी को पूरा
किया जायेगा .
डीआरडीए ने तलब की सूची, आंध्र प्रदेश के तर्ज पर होगा विकसित
बीडीओ व पीओ से प्रति पंचायत एक-एक तालाबों की सूची तलब
मॉडल तालाब के लिए सरकारी व निजी तालाबों का होगा चयन
क्या कहते हैं अधिकारी
प्रत्येक पंचायत में एक तालाब को मॉडल तालाब बनाया जायेगा. इसके लिए सूची मांगी गयी है. इसका मुख्य उद्देश्य है ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण. जल संरक्षण के साथ मत्स्य पालन को भी बढ़ावा दिया जायेगा.
दुर्गेश कुमार, डीआरडीए निर्देशक, पूर्वी चंपारण

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