सातवीं कक्षा के छात्र कमलेश का नहीं हुआ था अपहरण
मोतिहारी : छतौनी थाना के छोटा बरियारपुर से लापता सातवीं का छात्र कमलेश कुमार घर वापस लौट आया. उसका अपहरण नहीं हुआ था, बल्कि आइपीएल की सट्टाबाजी में एक लाख रुपये हारने के कारण मानसिक तनाव में घर से फरार हो गया था. इसका खुलासा कमलेश ने खुद पुलिस के समक्ष किया है. उसने बताया है शहर में सट्टेबाजी का कारोबार व्यापक पैमाने पर फैला है. सट्टेबाजों का मुख्य अड्डा जानपुल चौक है. उसने सटोरियों में शहर के पचमंदीर के विक्की कुमार, नीरज कुमार व प्रकाश कुमार, छोटा बरियारपुर के इरफान व संतोष कुमार, जानपुल चौक के एजे उर्फ अजय कुमार, मुन्ना कुमार व अमित कुमार के नाम का खुलासा किया है. उसने विक्की व अजय को मुख्य धंधेबाज बताया है.
छतौनी इंस्पेक्टर सह थानाध्यक्ष विजय कुमार यादव ने बताया कि कमलेश को परिजनों के हवाले कर दिया गया है. उसका बयान रिकॉर्ड किया गया है. उसने जो खुलासा किया है, उसका सत्यापन किया जा रहा है. सटोरियों के खिलाफ ठोस साक्ष्य एकत्र कर कानूनी कार्रवाई की जायेगी. कमलेश घर से 50 हजार रुपये गायब कर सट्टा में हार गया. वह मुहल्ला के ही इरफान से भी 54 हजार कर्ज लेकर हार गया.इरफान कर्ज का पैसा वापस मांग रहा था, तो दूसरी तरफ घर से गायब पैसे के बारे में परिजन उससे पूछताछ कर रहे थे. इससे
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आइपीएल सट्टा में
कमलेश मानसिक तनाव में आकर शुक्रवार सुबह ट्रेन पकड़ मुजफ्फरपुर चला गया. ब्रह्मपुरा स्थित एक कपड़े की दुकान पर सौ रुपये दिहाड़ी पर काम करने लगा. रात में दुकान की छत पर सोया था कि उसे मां की याद आयी. उसके पास एक सिम कार्ड था. दुकान के ही एक स्टॉफ से मोबाइल लेकर उसमें सिम लगा मां के पास फोन कर सारी बातें बतायी. इसके बाद पिता किशोरी ठाकुर मुजफ्फरपुर गये और कमलेश को लेकर छतौनी थाना पहुंचे.
इंस्पेक्टर विजय यादव ने बताया कि शहर में सट्टाबाजों को चिह्नित कर लिया गया है. उनके खिलाफ ठोस साक्ष्य के साथ कानूनी कार्रवाई की जायेगी. बता दें कि किशोरी ठाकुर ने शनिवार को कमलेश के अपहरण की प्राथमिकी छतौनी थाना में दर्ज करायी थी.
